फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2020 में 53 दिन बजेगी शहनाई, साल 2019 में थे 58 शुभ मुहूर्त

Thu, 02 Jan 2020 05:18 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
विज्ञापन
शादी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
वर्ष 2020 में शादी-विवाह समारोह के लिए 53 दिन शुभ मुहूर्त हैं। इन दिनों घरों में शहनाई और ढोल नगाड़े बजेंगे, जोकि साल 2019 से पांच दिन कम हैं। साल 2019 में कुल 58 शुभ मुहूर्त थे। इसलिए विभिन्न समाजों शुभ मुहूर्त को देखते हुए समारोह की तैयारियों शुरू कर दी है। बाजारों में शुभ मुहूर्त के अनुसार खरीदारी की जा रही है।
विज्ञापन


ज्योतिषियों व शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त 15 जनवरी से संक्रांति बदलने के बाद से शुरू हो जाएंगे, लेकिन विवाह का शुभ मुहूर्त 18 जनवरी से शुरू होगा। 2020 में महज जनवरी से जून के बीच कुल 45 शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं। जनवरी 15 से 31 तारीख के बीच 16 दिन में 10, फरवरी में सबसे अधिक 13, मार्च और जून में केवल 6 जबकि मई में 10 मुहूर्त हैं। 

सेक्टर-23 के पंडित ईश्वर चंद शास्त्री ने बताया कि लता दोष, पात दोष, युति दोष, वेध दोष, जमित्र दोष, पंच बाण दोष, तारा दोष, उपग्रह दोष, कांति साम्य एवं दग्धा तिथि, इन दिनों 10 तरह के दोषों का विचार करने के बाद ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। रेखाओं की गणना भी इन्ही के आधार पर होती है। जितनी ज्यादा रेखाएं होगी, मुहूर्त उतना की उत्तम होगा। रेखाओं के आधार पर ज्योतिष शादी की तिथियां निकालते हैं। इसलिए इन रेखाओं का सीधा संबंध मुहूर्त से होता है। 

जनवरी से दिसंबर तक विवाह के शुभ मुहूर्त 

तारीख    दिन     मास     तिथि         नक्षत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

15 जनवरी    बुध     माघ कृ. पंचमी उ. फाल्गुन नक्षत्र
16 जनवरी    गुरू     माघ कृ. षष्ठी हस्त, चित्रा नक्षत्र
17 जनवरी    शुक्र माघ कृ. सप्तमी स्वाति नक्षत्र
18 जनवरी    शनि माघ कृ. नवमीं स्वाति नक्षत्र
19 जनवरी    रवि माघ कृ. दशमीं  अनुराधा नक्षत्र
20 जनवरी    सोम माघ कृ. एकादशी अनुराधा नक्षत्र
26 जनवरी    रवि माघ शु. द्वितिया उ. धनिष्ठा नक्षत्र
29 जनवरी    बुध माघ शु. चतुर्थी उ. भाद्रपद नक्षत्र
30 जनवरी    गुरू माघ शु. पंचमी उ. भाद्रपद, रेवती नक्षत्र
31 जनवरी    शुक्र माघ शु. षष्ठी रेवती, अश्वनि नक्षत्र
1 फरवरी    शनि माघ शु. सप्तमी अश्वनि नक्षत्र
3 फरवरी    सोम माघ शु. नवमीं रोहिणी नक्षत्र
4 फरवरी    मंगल माघ शु. दशर्मी रोहिणी नक्षत्र
9 फरवरी    रवि माघ पूर्णिमा कृ. मधा नक्षत्र
10 फरवरी    सोम फाल्गुन कृ. प्रतिपदा मधा नक्षत्र
11 फरवरी    मंगल फाल्गुन कृ. तृतीया उ. फाल्गुन नक्षत्र
14 फरवरी    शुक्र फल्गुन कृ. षष्ठी स्वाति नक्षत्र
15 फरवरी    शनि फाल्गुन कृ. सप्तमी अनुराधा नक्षत्र
16 फरवरी    रवि फाल्गुन कृ. अष्टमी अनुराधा नक्षत्र
25 फरवरी    फाल्गुन शु. द्वतीय उ. भाद्रपद नक्षत्र
26 फरवरी    बुध फाल्गुन शु. तृतीया उ. भाद्रपद रेवती नक्षत्र
27 फरवरी    गुरू फाल्गुन शु. चतुर्थी रेवती नक्षत्र
28 फरवरी    शुक्र फाल्गुन शु. पंचमी अश्विनी नक्षत्र
10 मार्च    मंगल चैत्र कृ. प्रतिपदा हस्त नक्षत्र
11 मार्च    बुध चैत्र कृ. द्वितीया हस्त नक्षत्र
16 अप्रैल    गुरू वैशाख कृ. नवमी धनिष्ठ नक्षत्र
17 अप्रैल    शुक्र वैशाख कृ. दशमीं उ. भाद्रपद नक्षत्र
25 अप्रैल    शनि वैशाख शु. द्वितीया रोहिणी नक्षत्र
26 अप्रैल    रवि वैशाख शु. तृतिया रोहिणी नक्षत्र
1 मई    शुक्र वैशाख शु. अष्टमी मघा नक्षत्र
2 मई    शनि वैशाख शु. नवमी मधा नक्षत्र
4 मई    सोम वैशाख शु . एकादशी उ. फाल्गुन, हस्त नक्षत्र
5 मई    मंगल वैशाख शु. त्रयोदशी हस्त नक्षत्र
6 मई    बुध्र वैशाख शु. चतुर्थी चित्रा नक्षत्र
15 मई    शुक्र ज्येष्ठ कृ. अष्टमी धनिष्ठ नक्षत्र
17 मई    रवि ज्येष्ठ कृ. दशमीं उ. भाद्रपद नक्षत्र
18 मई    सोम ज्येष्ठ कृ. एकादशी उ. भाद्रपद, रेवती नक्षत्र
19 मई    मंगल ज्येष्ठ कृ. द्वादसी रेवती नक्षत्र
23 मई    शनि ज्येष्ठ शु. प्रतिपदा रोहिणी नक्षत्र
11 जून    गुरू आषाढ़ कृ. षष्ठी धनिष्ष्ठा नक्षत्र
15 जून    सोम- अषाढ़ कृ. दशमी रेवती नक्षत्र
17 जून    बुध्र अषाढ़ कृ. एकादशी अश्विनी नक्षत्र
27 जून    शनि आषाढ़ शु. सप्तमी उ. फाल्गुनी नक्षत्र
29 जून    सोम अषाढ शु. नवमीं चित्रा नक्षत्र
30 जून    मंगल अषाढ शु. दशमी चित्रा नक्षत्र
27 नवंबर    शुक्र कार्तिक शु द्वादसी अश्विनी नक्षत्र
29 नवंबर    रवि कार्तिक शु. चतुदर्शी रोहिणी नक्षत्र
30 नवंबर    सोम कार्तिक पूर्णिमा रोहिणी नक्षत्र
1 दिसंबर    मंगल मार्गशीर्ष कृ. प्रतिपदा रोहिणी नक्षत्र
7 दिसंबर    सोम मार्गशीष कृ. सप्तमी मधा नक्षत्र
9 दिसंबर    बुध मार्गशीष कृ. नवमी हस्त नक्षत्र
10 दिसंबर    गुरू मार्गशीष कृ. दशमी चित्रा नक्षत्र
11 दिसंबर    शुक्र मार्गशीष कृ. एकादशी चित्रा नक्षत्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें