बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम में केजरीवाल का बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव से गले मिलना एक नए विवाद को जन्म दे चुका है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और आप के संस्थापक सदस्य शांति भूषण ने केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। शांति भूषण ने कहा कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार को गले लगा लिया है।
शांति भूषण ने कहा कि केजरीवाल सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि पार्टी को चंदा मिलना बंद हो गया है। अब सारे विधायकों को कहा गया है कि वो हर महीने एक लाख रुपये पार्टी फंड में जमा कराएं।
उनका आरोप है कि कोई भी विधायक हर महीने एक लाख रुपये बिना भ्रष्टाचार किए कैसे ला सकता है? इसलिए केजरीवाल ने भ्रष्टाचार को गले मिला लिया है। लालू यादव से गले मिलाना उसी कड़ी का हिस्सा है।
अचानक बदल गया मीटिंग का स्थान
जाने-माने वकील शांति भूषण ने इस बहाने केजरीवाल और उनकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे।
उनका आरोप है कि केजरीवाल पूरी पार्टी को तानाशाही ढंग से चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण बताए नेशनल काउंसिल के कुछ सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया गया।
23 नवंबर को आम आदमी पार्टी के नेशनल काउंसिल की मीटिंग होनी है जिसके लिए शांति भूषण को भी आमंत्रित किया गया है। इस बारे में उन्होंने ने कहा कि इस मीटिंग के लिए औपचारिक तौर पर दो हफ्ते पहले सूचित किया जाता है लेकिन उन्हें 19 तारीख को बताया गया।
उनका आरोप है कि पार्टी में संयोजक से लेकर सभी पदों पर पदाधिकारी की नियुक्ति के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए थे जिसका खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
भूषण का आरोप है कि नेशनल काउंसिल की मीटिंग की तारीख और स्थान को बिना बताए बदल दिया गया। पहले यह मीटिंग कांस्टिट्यूशन क्लब में होने वाली था लेकिन, अचानक अयोजन स्थल को बदल दिया गया।
'केजरीवाल मुझ पर हमला करवाना चाहते थे'
केजरीवाल पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए शांति भूषण ने कहा कि वो मुझ पर भी हमला करवाना चाहते थे। पिछली मीटिंग में उन्होंने अपने लोगों को मुझ पर हमला करने के लिए भड़काया था।
उनका आरोप है कि केजरीवाल इसलिए कांस्टिट्यूशन क्लब में मीटिंग नहीं करना चाहते क्योंकि वहां उनके बाउंसर नहीं पहुंच सकेंगे। अब उन्होंने ऐसी जगह पर मीटिंग रखी है जहां उनके बाउंसर आसानी से पहुंच सकेंगे।
बता दें कि नेशनल काउंसिल की मीटिंग में ही शांति भूषण के बेटे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को बेइज्जत कर बाहर कर दिया था। बाहर आने पर प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया था कि मीटिंग में मौजूद बाउंसरों ने उनके साथ बदसलूकी की।
अनावश्यक दिया जा रहा लालू मामले को तूल
शांति भूषण के आरोपों के बारे में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि नेशनल काउंसिल में से किसी को भी निकाले जाने से पहले उसे नोटिस दे कर उससे सफाई मांगी जाती है। इसलिए यह आरोप गलत है कि किसी को बिना कारण बताए नेशनल काउंसिल से निकाला गया है।
लालू यादव से केजरीवाल के गले लगने के मामले पर संजय सिंह ने कहा कि इस मामले को अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें शपथ ग्रहण में बुलाया गया था।
मंच पर मौजूद लोगों का अभिवादन करना सामान्य शिष्टाचार का हिस्सा है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि हम लालू यादव या उनकी पार्टी से कोई गठबंधन करने जा रहे हैं।
संजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि लालू यादव से गले मिलने का मतलब ये नहीं है कि हमने यह घोषण कर दी है कि हम उनके विचारधारा का समर्थन करते हैं।