आपको पूर्वी दिल्ली नगर निगम के किसी सामुदायिक भवन को बेटे की सगाई कार्यक्रम के लिए बुक करवाना है और पूरा किराया जमा करवाने के बाद ऑनलाइन रसीद बेटे की तेरहवीं के लिए बुकिंग की मिले, जिसका शुल्क दस रुपये है तो कैसा लगेगा?
जी हां, पूर्वी दिल्ली नगर निगम में अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से ऐसा ही हो रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे निगम को उसके कारिंदे ही चपत लगा रहे हैं, इसका खुलासा शकरपुर स्थित समुदायिक भवन की बुकिंग से संबंधित मामले में हुआ है।
कर्मचारियों ने सगाई कार्यक्रम के लिए बुक करवाए गए समुदायिक भवन को शोक सभा के लिए बुक कर विभाग को ही चपत नहीं लगाई बल्कि खुशी के समारोह को ही गम में तब्दील कर दिया।
बृहस्पतिवार को स्थायी समिति की बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों ने इसका खुलासा किया। निगमायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शोक सभा के लिए बुकिंग फीस मात्र 10 रुपये होती है, जबकि अन्य कार्यक्रमों के लिए 17825 रुपये फीस तय है।
इसके अलावा 1500 रुपये सफाई शुल्क के तौर पर लिए जाते हैं। निगम कर्मचारी बुकिंग करवाने वाली पार्टी से सगाई जैसे कार्यक्रमों की फीस लेकर उसे शोक सभा दिखा रहे हैं और निगम के खाते में महज दस रुपये देकर बाकी राशि अपनी जेब में डाली जा रही है।
राजेन्द्र कुमार नामक व्यक्ति ने सगाई समारोह के लिए समुदायिक भवन बुक कराया था। इस संबंध में उसने समुदायिक भवन बुकिंग करने वाली महिला को पांच हजार रुपये का ड्राफ्ट व शेष राशि नकद जमा करवा दी।
बकौल राजेन्द्र उसने महिला से रसीद देने को कहा तो बताया कि पूरा सिस्टम वेबसाइट से जुड़ा है और रसीद नेट से ही मिलेगी। महिला को अंदेशा था कि रसीद कोई लेता नहीं है और उसने एमसीडी के खाते में तेहरवीं के नाम पर बुकिंग दिखाते हुए रसीद काट रखी थी।
राजेन्द्र ने वेबसाइट से रसीद ली तो देखकर दंग रह गया कि उसी सगाई को तेहरवीं में तब्दील कर दिया गया, जिसमें उसके बेटे को मृत दिखाया गया, जबकि उसकी सगाई होने वाली थी।
आखिर उसने एमसीडी अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दी, लेकिन कोई हल न निकलने पर उसने स्थानीय नेताओं से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाया।
भाजपा पार्षदों ने जताया कड़ा रोष
स्थायी समिति की बैठक में भाजपा पार्षद सत्यपाल सिंह ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने बताया कि इस घटना से सस्पष्ट है कि अधिकारियों की मिलीभगत से नगर निगम में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
यह मामला सामने आने पर भाजपा के अन्य पार्षदों ने भी कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा कि एक ओर नगर निगम एक-एक रुपये की मोहताज है, वहीं निगम के अधिकारी व कर्मचारी उसे चपत लगा रहे हैं।
उन्होंने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उधर आयुक्त डॉ. रणवीर सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने शाहदरा दक्षिण जोन के उपायुक्त अतीक अहमद को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।