उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कांस्टेबल पर खुलेआम पिस्टल तानने के आरोपी शाहरुख पठान ने जेल में जान के जोखिम का दावा करते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट से मदद मांगी है। उसका कहना है कि जेल प्रशासन उसे हाई रिस्क कैदियों की जेल से निकालकर सामान्य कैदियों की जेल में शिफ्ट कर सकता है। वहां उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है।
वकील असगर खान, अब्दुल ताहिर खान और तारिक नासिर के माध्यम से कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर याचिका में शाहरुख ने यह गुहार लगाई है। इस पर अदालत सोमवार को सुनवाई कर सकती है। याचिका में शाहरुख ने कहा कि जेल अधिकारियों ने उसे मौखिक रूप से सूचित किया है कि उसे उच्च जोखिम वाले कैदियों की जेल से सामान्य कैदियों के साथ स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में हाई रिस्क जेल नंबर 4 में बंद है। उसका कहना है कि वह उच्च जोखिम वाले कैदियों के साथ ही रहना चाहता है, क्योंकि उसके जीवन को खतरा है। इसलिए तिहाड़ प्रशासन को उसे वहीं रखने का निर्देश दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगे के दौरान मौजपुर-जाफराबाद इलाके में शाहरुख पठान ने बीच सड़क पर पुलिस के हेड कांस्टेबल पर पिस्टल तान दी थी। इसके बाद वह दिल्ली से भागकर पहले पंजाब पहुंचा और फिर यूपी के शामली में एक दोस्त के पास जा छुपा। पुलिस ने उसे शामली से ही गिरफ्तार किया था।