शहीद भगत सिंह सेवा दल ने दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के समीप विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान में रह रहे सिख व अन्य अल्पसंख्यक लोगों पर हो रहे अत्याचार को बंद करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों से मिला और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि पाकिस्तान में रह रहे सिख व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार को रोका जाए और उनको उनके मानव अधिकार दिए जाएं।
प्रदर्शन में सरदार जितेंद्र सिंह शंटी, हनुमान लखोटिया, मंजीत कौर शंटी, सरदार रविंदर सिंह लवली, राजा हाशमी, सरदार सुखविंदर सिंह बब्बर समेत संस्था से जुड़े कई सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों के साथ उनके धर्म के कारण विभाजन के बाद से ही भेदभाव किया जा रहा है। धर्म परिवर्तन, इरादतन जानलेवा हमला, अपहरण, कत्ल, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध उनके साथ किए जा रहे हैं। पाकिस्तान में रह रहे सिखों को अपनी बच्चियों की कम उम्र में ही शादी करने की मजबूरी है।
शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक सरदार जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि पाकिस्तान को खुश होना चाहिए कि गुरु नानक जैसे पैगंबर ने उस धरती पर जन्म लिया। पाकिस्तान जो होने दे रहा है वह बिलकुल अमानवीय है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर हम पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करना बंद करे।