ग्रेटर नोएडा में हुए शाहबेरी हादसे के आरोपियों पर एनएसए लगाया जाएगा। वहीं हिंडन डूब क्षेत्र में निर्माण करने वाले बिल्डर और भूमाफिया पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी बीएन सिंह ने यह निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की जाएगी। जिससे लोग सतर्क हो जाएं और ऐसी जगहों पर फ्लैट न खरीदें। वहीं यमुना नदी की धारा को बदलकर रेत का खनन करने के मामले के आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिल्डर और माफिया पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिससे भविष्य में शाहबेरी जैसे हादसे दोबारा न हो सकें। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केशव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शाहबेरी में दो बिल्डिंग जमीदोंज होने से 9 लोगों की मौत हो गई।
बिल्डिंग को बनाने वाले आरोपित बिल्डर व ब्रोकर पर एनएसएस लगाने की तैयारी की जाए। इससे अलग यहीं कार्रवाई यमुना नदी में अवैध खनन कर धारा को मोड़ने के आरोपित संजय मोमनाथल पर भी की जाए, जिससे भविष्य में अन्य लोग अवैध खनन और निर्माण नहीं कर सके।
उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र को चिह्नित कर वहां जारी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले बिल्डरों, भूमाफिया, कॉन्ट्रैक्टर और ब्रोकर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन को प्राधिकरण एवं पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार
शाहबेरी हादसे की जांच रिपोर्ट अभी तक सबमिट नहीं हो सकी है। हादसे की जांच कर रहे एडीएम कुमार विनीत का तबादला होने के बाद नए एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रशासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट को संबंधित विभागों द्वारा समय पर नहीं जमा करने के कारण मामले की जांच प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हो पाई है। अब तक की जांच रिपोर्ट के आधार पर कमजोर नींव को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने बताया कि शाहबेरी हादसे के बाद संबंधित सभी विभागों से घटना के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। जिसके आधार पर जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट बनानी है।
जांच का कार्य एडीएम प्रशासन को दिया गया। हमने सभी विभागों से जानकारी इकट्ठा की है। पीडब्लूडी, श्रम विभाग आदि ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। पुलिस और अथॉरिटी से जानकारी आना बाकी है।
इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगा। जानकारी देने के लिए इन्हें 26 अगस्त तक का समय दिया गया है। ब्यूरो