मृतक साक्षी और आरोपी साहिल खान
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अदालत ने शाहबाद डेयरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल के खिलाफ पुलिस की ओर से दायर आरोपपत्र पर शनिवार को संज्ञान लिया। अदालत ने कहा कि पेश गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। फास्ट ट्रैक स्पेशल जज ऋचा गुसाई सोलंकी ने आरोपपत्र का अध्ययन करने के बाद यह निर्देश दिया। इसके अलावा अदालत ने आरोपियों का प्रतिनिधित्व करने में सहायता प्रदान करने के लिए वकील सीएम सांगवान को न्याय मित्र के रूप में नामित किया है। अदालत ने मामले में बहस के लिए 20 जुलाई तय की है।
दरअसल साहिल को 28 मई को शाहबाद डेयरी में किशोरी की क्रूरता से चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने किशोरी के चेहरे पर पत्थर से कई वार भी किए थे। पुलिस ने मंगलवार को 640 पेज का आरोपपत्र दायर किया था। इसमें सीसीटीवी फुटेज, आवाज के नमूने और जैविक साक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त आरोप पत्र में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट भी शामिल है। आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं 302 (हत्या), 354ए (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए आपराधिक बल का उपयोग करना) और 509 (शब्द, इशारे या कृत्य से किसी महिला का अपमान करने की सजा) शामिल हैं। आरोप पत्र में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27, यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो ) अधिनियम की धारा 12 और अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) की धारा 3 (2) (वी) का भी जिक्र किया गया है।