राजधानी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कालेज में छात्रा के प्रोफेसर द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने मामले को शर्मनाक बताते हुए जांच की मांग की है।
बरखा ने कहा कि इतने प्रतिष्ठित कालेज में अगर यौन उत्पीड़न की घटना होती है तो यह बेहद शर्मनाक है। इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस कालेज में प्रवेश के लिए कट आफ बेहद ऊंचे होते हैं। यहां से निकले छात्र देश भर में महत्वपूर्ण जगहों पर काम करते हैं। मामला कालेज की छवि से जुड़ा है, सही से जांच होना जरूरी है।
शुक्रवार को सेंट स्टीफेंस के रसायन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सतीश कुमार के खिलाफ पीएचडी छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। छात्रा का कहना है कि कुमार ने उनका यौन उत्पीड़न किया है।
कुमार के निर्देशन में पीएचडी कर रही छात्रा का कहना है कि जब उन्होंने कालेज प्रशासन से शिकायत की तो प्रिंसिपल वालसन थंपू ने प्रोफेसर को बचाने का प्रयास किया।
थंपू ने छात्रा से कहा कि वे लिखित में दें कि प्रोफेसर से उन्हें शिकायत नहीं है, अगर वे ऐसा नहीं करेंगी तो उनका पीएचडी करना मुश्किल हो जाएगा।
हालांकि थंपू का नाम एफआईआर में नहीं है। थंपू का कहना है कि पीड़िता ने उनसे इस मसले पर बात की थी लेकिन कुमार को बचाने के प्रयासों से उन्होंने इनकार किया।
छात्रा ने अपनी मर्जी से ही लिखकर दिया कि मामला यौन उत्पीड़न का नहीं है क्योंकि वह पीएचडी समय पर करना चाहती थी।
काॅलेज ने बयान जारी कर कहा कि, प्रिंसिपल ने शिकायत को आंतरिक कमेटी के पास जांच के लिए भेज दिया था। जांच बस पूरी होने वाली है।
दिल्ली विवि टीचर्स एसोसिएशन ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपी को जांच पूरी होने तक निलंबित किए जाने की मांग की।
एसोसिएशन की अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि आरोपी महत्वपूर्ण पद पर है, उस नहीं हटाया जाना पीड़िता का और उत्पीड़न ही कहा जाएगा। पूर्व छात्रों की संस्था ने भी दिल्ली विवि के वाइस चांसलर से मामले की जांच की मांग की है।
शोधार्थी का बयान अदालत में दर्ज
सेंट स्टीफंस कॉलेज में रिसर्च स्कॉलर के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने शनिवार को आंतरिक शिकायत कमेटी के सदस्यों से पूछताछ की है। साथ ही पुलिस ने अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज करवाया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पीड़िता ने अपनी शिकायत आंतरिक शिकायत कमेटी को सौंपी थी, जिसमें उसने कॉलेज के सतीश कुमार पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
शिकायत में पीड़िता ने कहा है कि सतीश कुमार ने वर्ष 2013 अक्तूबर माह में लेब्रोटरी में उसके साथ छेड़छाड़ की थी और मेट्रो स्टेशन तक पीछा किया था।
उसके साथ सबसे पहले मई 2013 में छेड़छाड़ की गई। इसकी शिकायत करने पर सतीश ने रिसर्च में मार्गदर्शन करना बंद कर दिया। पुलिस ने शनिवार को अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज करवाया।