लड़की से मोबाइल नंबर मांगने को अपराध नहीं मानती पुलिस
छात्रा का कहना है कि आरोपी सरेराह रोककर उसका मोबाइल नंबर मांगता है, उससे छेड़छाड़ करता है, लेकिन एसएचओ विजयनगर महावीर सिंह चौहान का कहना है कि किसी लड़की से मोबाइल नंबर मांगना छेड़छाड़ की श्रेणी में नहीं आता है। छात्रा ने जो तहरीर दी थी, उसी के आधार पर केस में धाराएं लगाई गई हैं। अगर पीड़िता बयानों में छेड़छाड़ की बात कहती है तो उसके आधार पर धाराओं को बढ़ाया जाएगा।
केस दो: कॉलेज जाते समय छात्रा का रास्ते से अपहरण
कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है कि उसकी बेटी 28 सितंबर को कॉलेज गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बावजूद सुराग न लगने पर दो अक्तूबर को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। छात्रा के परिजनों के मुताबिक जांच-पड़ताल में पता चला कि हाथरस निवासी युवक व उसके परिजन उनकी बेटी को कॉलेज जाते समय रास्ते से उठाकर ले गए हैं।
यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण की धारा में तब्दील कर केस दर्ज कर लिया। लेकिन, इस मामले की जांच में भी पुलिस का रवैया बेहद लचर रहा। छात्रा की बरामदगी के सवाल पर जांच अधिकारी व गोविंदपुरम चौकी इंचार्ज अनिल यादव ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अभी उनके पास एफआईआर की कॉपी ही नहीं आई है। जबकि परिजनों का कहना है कि दो अक्टूबर को गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद से ही वह लगातार थाने और चौकी के चक्कर काट रहे हैं।
दोनों ही मामलों की स्टेटस रिपोर्ट संबंधित थाना पुलिस से तलब की जाएगी। अगर पीड़ित पक्ष की बात न मानकर पुलिस ने अपनी मनमानी की है तो संबंधित के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-अभिषेक वर्मा, एसपी सिटी