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सेक्स वर्कर की बच्चियों ने अदालत में कहा, मां के पास वापस नहीं जाना चाहते हम

Tue, 25 Apr 2017 03:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश की सेक्स वर्कर्स की चार नाबालिग बच्चियों ने अपनी मां के पास वापस जाने से इनकार कर दिया। छह से दस साल की इन बच्चियों ने हाईकोर्ट के समक्ष उक्त तर्क रखते हुए कहा कि वे वर्तमान में दिल्ली स्थित गैर सरकारी संगठन में खुश हैं।
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अदालत ने एनजीओ के कामकाज की सराहना भी की है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की खंडपीठ बच्चियों की मां द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही है।

याची ने आरोप लगाया कि एनजीओ ने उनकी बच्चियों को बंधक बना रखा है और अदालत उसे बच्चियों को सौंपने का निर्देश दे। खंडपीठ के समक्ष पेश बच्चियों ने कहा वे संगठन के पास खुश है और अपनी मां के पास वापस नहीं जाना चाहती।
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...इसलिए मां के पास नहीं जाना चाहती बच्चियां

प्रतीकात्मक च‌ित्र
अदालत के पूछने पर बच्चियों ने कहा कि वे एनजीओ में ही रहना चाहती है और जहां उन्हें बेहतर शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण खाना व देखभाल हो रही है। अदालत ने मामले की सुनवाई 9 नवंबर तय की है।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अदालत को बताया कि शुरू में बच्चियों को उनकी मां से मिलने की इजाजत दी गई थी, लेकिन बच्चियों ने वापस जाने से मना कर दिया।

इसी के बाद यह याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों व मानव तस्करी से मुक्त करवाएं गए बच्चों को एनजीओ की देखरेख में रखा गया है और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) समय-समय पर वहां का निरीक्षण करती है।
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