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सीवर सफाई कर्मियों को प्रशिक्षण संग नौकरी भी, केजरीवाल ने दिए निर्देश

Tue, 25 Sep 2018 04:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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kejriwal
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अब सीवर कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। साथ ही इन्हें नौकरी दिलाने की व्यवस्था भी सरकार करेगी। दिल्ली में सफाई के दौरान सीवर कर्मियों की होने वाली मौतों के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सचिवालय में स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक बुलाई। इसमें सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र का सर्वे कर सीवर कर्मियों पहचान करें। इसके बाद सभी को प्रशिक्षित कर पुनर्वास करवाया जाए।

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दिल्ली सरकार, एमसीडी व डीडीए के आला अधिकारियों की मौदूजगी में हुई बैठक में सीवर की सफाई के दौरान होने वाली मौतों पर चर्चा हुई। इस दौरान पूर्वी, उत्तर-पूर्वी व शाहदरा के जिला अधिकारी ने बताया कि तीनों जिलों को सर्वे कराया गया है। यहां करीब 45 सीवरकर्मियों की पहचान हुई है। जबकि कुछ जिला अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां एक भी सीवरकर्मी नहीं हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए केजरीवाल ने दुबारा से सभी जिलों में सर्वे करने को कहा है।       

बैठक की जानकारी देते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीवर कर्मियों की पहचान कर इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। बाद में इन्हें सिविल डिफेंस में नौकरी दिलवाई जाएगी। इससे सीवर कर्मियों की आय सुनिश्चित हो सकेगी। गौतम के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने शैक्षिक योग्यता में ढील देने को कहा है। अभी तक दसवीं पास को ही सिविल डिफेंस में रखा जाता है।       
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हाथ से सीवर सैप्टिक टैंक की सफाई पर प्रतिबंध
गौतम ने बताया कि हाथ से सीवर व सैप्टिक टैंक की सफाई पर प्रतिबंध लगा है। मुख्यमंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि ऐसा कराने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके लिए संबंधित इलाके के जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। केजरीवाल ने कहा है कि आगे से किसी भी हालत में सीवर में सफाई कर्मियों को नहीं उतारा जाना चाहिए।       
     
 नौ महीने बाद बैठक कराने पर मांगी रिपोर्ट
मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट 2013 के तहत दिल्ली स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक 6 महीने होनी चाहिए। बावजूद इसके इस साल कमेटी की पहली बैठक ही 9 महीने में हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को निर्देश दिया है कि वह इसकी जांच करें। मंत्री से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

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