-शास्त्री पार्क से उस्मानपुर और सीलमपुर तक पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी होगी मजबूत
-10 एचपी के नॉन-क्लॉग पंप, नए वाल्व, प्रेशर सेंसर और हाईमास्ट लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। बारिश शुरू होते ही शास्त्री पार्क, मानसरोवर पार्क, सीलमपुर, राम नगर, उस्मानपुर और लोनी रोड के कई इलाकों में जलभराव की समस्या लोगों के लिए परेशानी बन जाती है। कई जगह नालियों और सीवर लाइनों का पानी सड़क पर आने से पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। अब दिल्ली जल बोर्ड ने इन इलाकों के सीवेज और पानी से जुड़े पंपिंग स्टेशनों की व्यवस्था सुधारने के लिए 23 परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें पुराने पंप और वाल्व बदलने के साथ डिजिटल सेंसर, हाईमास्ट और विद्युत सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा उन इलाकों को मिलने की उम्मीद है जहां बारिश के समय सीवर ओवरफ्लो और पानी निकासी की शिकायतें ज्यादा रहती हैं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाके घनी आबादी वाले हैं। शास्त्री पार्क, सीलमपुर, उस्मानपुर और मानसरोवर पार्क जैसे इलाकों में पुरानी बस्तियों के बीच संकरी गलियां हैं। कई जगह सड़क के किनारे नालियां और सीवर लाइनें हैं। बारिश तेज होने पर इनकी क्षमता पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में पंपिंग स्टेशनों की भूमिका बढ़ जाती है।
जहां पंप कमजोर, वहां ज्यादा देर रहता है पानी
मानसरोवर पार्क और राम नगर के सीवेज पंपिंग स्टेशनों पर 10 एचपी क्षमता के नॉन-क्लॉग डीवाटरिंग पंप लगाए जाएंगे। इन पंपों को इस तरह तैयार किया जाता है कि सीवेज के साथ आने वाले ठोस कचरे के कारण इनके जाम होने की समस्या कम हो।
जीटी रोड सीलमपुर और मानसरोवर पार्क में पुराने नॉन-रिटर्न और स्लूस वाल्व बदले जाएंगे। सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था में इन वाल्वों की अहम भूमिका होती है। वहीं यमुना विहार और लोनी रोड के पंपिंग स्टेशनों पर डिजिटल प्रेशर ट्रांसड्यूसर लगाए जाएंगे। इससे पानी के दबाव की जानकारी लगातार मिल सकेगी और तकनीकी खराबी का पता लगाने में मदद मिलेगी।
शास्त्री पार्क, राम नगर और लोनी रोड में 12 मीटर ऊंचे हाईमास्ट लगाए जाएंगे। राम नगर और उस्मानपुर में अर्थिंग और इंसुलेशन के काम होंगे। रात में पंपिंग स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए रोशनी और विद्युत सुरक्षा दोनों जरूरी हैं।
करीब 10 लाख आबादी वाले इलाकों को मिलेगा लाभ
शास्त्री पार्क, सीलमपुर, यमुना विहार, मानसरोवर पार्क, उस्मानपुर, लोनी रोड और आसपास के इलाकों को मिलाकर करीब 10 लाख लोगों की आबादी प्रभावित क्षेत्र में है।