इलाके की एक कॉलोनी में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची का शव एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल की छत से बरामद किया गया है। मृतका के परिजनों ने सभासद एजाज और उसके तीन भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने चुनावी रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। सभी आरोपी अभी फरार हैं। तनाव को देखते हुए कॉलोनी में पुलिस बल तैनात किया गया है।
कॉलोनी निवासी स्कूल संचालक की दो बेटियां और दो बेटे हैं। उनकी छोटी बेटी कक्षा तीन में पढ़ती थी। वह शनिवार दोपहर एक बजे छोटे भाई के साथ दुकान पर गई थी। भाई तो घर लौट आया, लेकिन 2 बजे तक उसकी बहन का पता नहीं चला। उसे सवा दो बजे ट्यूशन जाना था। परिजनों और पड़ोसियों ने उसकी तलाश की। न मिलने पर रात करीब 10 बजे अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अगली सुबह 6:30 बजे उक्त धार्मिक स्थल की छत पर कॉलोनी का सुल्तान बंदर भगाने चढ़ा तो वहां उसे बच्ची का शव पड़ा मिला। शव बोरी से ढंका हुआ था। उसके शोर मचाने पर पहुंचे लोगों ने शव नीचे उतारा।
लोगों ने आरोपियों के घर के बाहर हंगामा भी किया। मोदीनगर, निवाड़ी और भोजपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि जांच के बाद पता चला है कि बच्ची के साथ रेप हुआ था और उसके बाद उसकी हत्या की गई है। परिजनों की तहरीर पर एजाज और उसके तीन भाइयों नवसाद, शहजाद और इजहार के खिलाफ अपहरण, रेप और हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
छत पर मिले संदिग्धों के पैरों के निशान
फोरेंसिक टीम ने जांच की तो धार्मिक स्थल की छत और उसकी दीवार पर कुछ लोगों के पैरों के निशान मिले। बताया जा रहा है कि, सीसीटीवी में शनिवार शाम बच्ची के देखे जाने के बाद परिजन और कॉलोनी के लोग रातभर पहरा देते रहे। शायद इसलिए अपहर्ताओं को बच्ची को बाहर ले जाने का मौका नहीं मिला। बच्ची ने उन्हें पहचान लिया होगा। इसलिए उसे मारकर धार्मिक स्थल की छत पर छिपा गए।