क्या है पूरा मामला?
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इस पारिवारिक और आपराधिक घटना की शुरुआत 27 जुलाई को हुई। उस दिन बच्ची की मां अपने पति और बच्चों को छोड़कर आरोपी (प्रेमी) के साथ चली गई थी। घर से जाते वक्त महिला ने अपनी सात साल की बेटी को यह दिलासा दिया था कि वह कुछ समय बाद उसे भी अपने साथ ले जाएगी। इसी वादे का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात की साजिश रची।
मां के पास ले जाने का दिया झांसा
शिकायत के मुताबिक, 5 अगस्त को जब बच्ची का पिता किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था, तभी आरोपी मौके की ताक में वहां पहुंच गया। उसने मासूम बच्ची को झांसा दिया कि वह उसे उसकी मां के पास ले जाने आया है और उसे सफर के लिए कपड़े बदलने को कहा। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने बच्ची को जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ क्रूरतापूर्वक यौन उत्पीड़न किया। आरोपी ने जाते-जाते बच्ची को बुरी तरह धमकाया कि वह इस घटना के बारे में किसी को कुछ न बताए।
पिता ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद बदहवास पिता ने न्याय के लिए कदम उठाया। उन्होंने 8 अगस्त को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पुलिस को अपनी लिखित शिकायत भेजी। पुलिस की ओर से तुरंत अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
फिलहाल, पुलिस बच्ची की काउंसलिंग करा रही है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ अन्य अहम साक्ष्यों को जुटाने में लग गई है ताकि आरोपी को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।