स्थानीय लोगों ने हटवाया मलबा
अब्दुल हई के मकान ढहने की खबर गांव में पहुंची तो तुरंत बड़ी संख्या में गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मकान का मलबा हटाने में जुट गए, लेकिन जब तक वे मलबा हटाते तब तक अब्दुल हई की बेटी अनीसा मलबे के नीचे दम तोड़ चुकी थी। लोगों ने मलबे को हटाकर उसके नीचे दबे लोगों को निकाला। सभी घायलों को तुरंत नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया गया। बाद में अबरार, साहिर और अमीना की गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जबकि तारीफ, रिहान और जानिस्ता का उपचार नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
लोग बोले- नींव में पानी जाने से गिरा मकान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान का प्लास्टर नहीं हुआ था। वहीं, पीछे की तरफ पानी ज्यादा भर गया, जो मकान की नींव में चला गया। इसके कारण मकान ढह गया। घटना की सूचना मिलने पर रविवार रात से लेकर सोमवार की शाम तक पीड़ित परिवार के दुख को बांटने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा। परिजन एडवोकेट आजम ने बताया कि मकान ढहने से परिवार के सदस्यों को तो गंभीर चोटें आई हैं, घर का सारा सामान टूटकर खराब हो गया है। परिवार के एक सदस्य की जान चली गई है। वहीं, छह लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
नूंह सदर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि किशोरी के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों ने सोमवार की शाम अनीसा के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। घटना से अब्दुल हई का रो-रोकर बुरा हाल है।