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दिल्ली में बांग्लादेशी बचेंगे नहीं: ठिकाने की तलाश कर रहे सात गिरफ्तार, गिरफ्त में किया बड़ा इंटरनेशनल खुलासा

Fri, 11 Apr 2025 05:54 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सभी बांग्लादेश दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में आए थे। इनका सुराग पहले पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक से पुलिस को मिला था। पुलिस ने निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल सभी को हिरासत केंद्र में भेज दिया गया है।
 
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दिल्ली में सात बांग्लादेशी गिरफ्तार - फोटो : Freepik AI
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विस्तार
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बाहरी जिला पुलिस ने दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सात बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। सभी पीरागढ़ी इलाके में छिपने का ठिकाना तलाश कर रहे थे। कुछ दिन पहले पकड़े गए एक बांग्लादेशी नागरिक ने इनके बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस ने सभी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय में पेश करने के बाद इनको निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने सभी को हिरासत केंद्र में भेज दिया है।

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1500 संदिग्धों की जांच हुई
जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ जिला पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक इस क्षेत्र में करीब 1500 संदिग्ध लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें से चार लोग पहले ही पकड़े जा चुके हैं। 
 

अफजल ने बताए बाकियों के पते
निरीक्षक सुंदर सिंह के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स ने कुछ दिन पहले सुल्तानपुरी से एक संदिग्ध बांग्लादेशी मोहम्मद अफजल को पकड़ा। जिसने बताया कि 10 अप्रैल 2025 को पीरागढ़ी कैंप में कुछ और बांग्लादेशी नागरिक छिपने के लिए ठिकाने की तलाश में आने वाले हैं। पुलिस टीम ने निगरानी शुरू कर दी। पुलिस ने पीरागढ़ी के मुख्य रोहतक रोड पर काली माता मंदिर के पास सात लोगों को पकड़ लिया। इन लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। 

इनकी पहचान हुई
शुरुआत में उन्होंने कोई पहचान पत्र देने से इनकार कर दिया। लेकिन कड़ाई से पूछताछ कर पर्यटक वीजा पेश किया, जिसकी अवधि समाप्त हो गई थी। इनकी पहचान सोहाग, मोहम्मद शाहिद उल्लाह कौहर भुइयां, मोहम्मद साजिब हसन, लिटन मलिक, मोहम्मद मिजानपुर रहमान, मोहम्मद जकारिया और बिस्वजीत चंद्र बर्मन के रूप में हुई। 
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भारतीय दस्तावेज के सहारे डंकी रूट से जाते यूरोप
जांच पड़ताल करने पर पता चला कि बांग्लादेशी नागरिकों को अपने देश से यूरोपीय देशों में वीजा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए वह भारत में अवैध रूप से या फिर पर्यटक वीजा लेकर प्रवेश करते हैं और फिर यहां भारतीय दस्तावेज का इंतजाम करने के बाद डंकी रूट से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने सभी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय में पेश कर दिया है। जहां से इन्हें निर्वासित करने के आदेश जारी हुए हैं। पुलिस इन्हें हिरासत केंद्र में भेजकर निर्वासन की प्रक्रिया कर रही है।

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