हाईकोर्ट ने आईटीबीपी, सीआरपीएफ व बीएसएफ अर्ध सैनिक बलों के कमांडेंट व उससे नीचे के जवानों को भारी राहत देते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 साल कर दी है। पहले यह अधिकारी 57 साल में सेवानिवृत्त होते थे, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारी 60 साल की आयु में सेवानिवृत्त होते थे।
न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर व न्यायमूर्ति संजीव नरुला की खंडपीठ ने जवानों की ओर से दायर 19 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया है। खंडपीठ ने इस आदेश को चार माह के भीतर लागू करने का आदेश दिया है।
खंडपीठ ने कहा कि ऐसे एक अन्य मामले में पहले ही फैसला सुनाया जा चुका है। अब नये सिरे से फैसला देने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय मंत्रालय उसके फैसले को चार महीने में लागू करे। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी अवकाश ग्रहण कर चुके हैं, उन्हें वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। यानी तीन साल की अवकाश ग्रहण की सीमा बढ़ने से उनका बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा, क्योंकि बिना काम के वेतन नहीं दिया जा सकता। हालांकि उन्हें अवकाश ग्रहण के बाद मिलने वाले लाभ में उनका कार्यकाल तीन साल बढ़ जाएगा। उनका अवकाश ग्रहण का लाभ, ग्रैच्यूटी व पेंशन की गणना 60 वर्ष की सेवा के आधार पर किया जाएगा।