दिल्ली-फरीदाबाद में लूटपाट के लिए आठ लोगों की हत्या करने वाला सीरियल किलर दो साथियों के साथ वारदात को अंजाम देता था। ये दोनों साथी उसके रिक्शे से थोड़ी दूरी बनाकर साथ-साथ चलते थे।
सुनसान जगह पर रिंकू गला दबाता था तो बाकी दो सवारी को काबू करने के लिए पहुंच जाते थे। पुलिस को यह जानकारी जिंदा बच निकले एक भुक्तभोगी ने दी। इस भुक्तभोगी ने ही एक हफ्ते तक पुलिस गश्त में साथ रहकर रिक्शा चालक को पहचान कर पकड़वाया था। रिंकू के दो साथी कौन हैं, पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई है।
ओल्ड थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित ने बताया कि वह 22 अक्तूबर को छोटी दिवाली पर परिवार के लिए बॉर्डर स्थित बाजार से कपड़े खरीद कर लौट रहा था। भूख लगने पर ओल्ड फरीदाबाद में एक चौक पर बाइक खड़ी कर उसने रेहड़ी वाले को ऑमलेट बनाने का ऑर्डर दिया। बीयर पीने की इच्छा हुई तो उसने वहां खड़े रिक्शा चालक से बीयर की दुकान के बारे में पूछा। रिक्शा चालक ने दुकान तक छोड़ने की बात कही।
वह बाइक छोड़कर रिक्शे पर सवार हो गया। गोपाल गार्डन के पास सड़क के बीच बने डिवाइडर पर रिक्शा खड़ा कर चालक ने बीयर लाने के लिए दो सौ रुपये मांगे। उसके रुपये देते ही चालक ने पेशाब करने की बात कही। वह चालक की ओर पीठ करके खड़ा हो गया। अचानक चालक ने पीछे से गमछा डाल कर उसकी गर्दन कस दी। उसके धक्का देने पर रिक्शा चालक गिर पड़ा।