अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विदेशी भाषा विभाग ने भारत-अरब सांस्कृतिक केंद्र में राष्ट्रीय युवा शोधकर्ता सेमिनार 2026 का आयोजन किया। इसमें अलग-अलग विश्वविद्यालयों के 48 से अधिक युवा शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सेमिनार में अनुवाद अध्ययन, सांस्कृतिक मध्यस्थता, भाषा की राजनीति, अंतर-सांस्कृतिक संवाद, साहित्य और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उद्घाटन सत्र में विदेशी भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मो. फैजुल्ला खान ने वैश्वीकरण और डिजिटल दौर में अंतर-सांस्कृतिक संवाद के महत्व पर जोर दिया। मुख्य अतिथि के तौर पर जामिया के अंग्रेजी विभाग के पूर्व प्रोफेसर अनीसुर रहमान ने कहा कि युवा शोधकर्ताओं के साथ संवाद से अधिक समृद्ध कोई मंच नहीं हो सकता।