भविष्य में भोजन, कपड़ा और ईंधन सभी देशों के सामने मुख्य समस्याएं होंगी। 2050 के बाद कोई भी देश अनाज का निर्यात नहीं कर पाएगा।
खाद्यान्न समस्या से बचने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है। ये बातें इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्चर रिसर्च के महानिदेशक डॉ. एस अयप्पन ने सोमवार को कहीं।
सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी का डॉ. अयप्पन ने दौरा किया। इस मौके पर एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी इनोवेशन फाउंडेशन ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शोध के लिए धन का महत्व होता है लेकिन उससे भी अधिक दृढ़ संकल्प, बेहतर सोच, मजबूत रणनीति और कार्यक्षमता की जरूरत होती है।
कृषि क्षेत्र में हो रहे शोध कार्य देश के विकास में आवश्यक है। इस मौके पर एमिटी के संस्थापक सदस्य डॉ. अशोक कुमार चौहान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।