कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं को रात के समय में घर जाने के लिए डरने की जरूरत नहीं है। बस 99 रुपये के छोटे से खर्च पर आप घर तक सुरक्षित रहेंगे। इतना ही नहीं, यह खर्च भी आपकी कंपनी ही वहन करेगी। शायद सुनकर ताज्जुब हो रहा होगा। लेकिन अब आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कुछ इस तरह हो सकेगी। दावा किया जा रहा है कि देश में पहली बार गुड़गांव मे ऐसे ही मोबाइल ऐप के रूप में शुरुआत की गई है। मोबाइल ऐप में महिलाओं की सुरक्षा के अलावा उनकी मॉनीटरिंग भी हो सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर साइबर सिटी में महिलाओं खासतौर पर कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को तोहफा देने के लिए गुड़गांव कम्युनिटी फाउंडेशन और जारवीस कंपनी तरफ से ऐसे ही मोबाइल ऐप (मोबाइल एसओएस) की लांचिंग की गई है। महिलाओं की कैब में सुरक्षा के लिए उनके मोबाइल ऐप को जीपीएस से कनेक्ट किया है। इसमें कैब की तरह मोबाइल की लोकेशन भी देख पाएंगे।
महिला चालकों को भी डरने की जरूरत नहीं
महिला यात्रियों के अलावा महिला चालकों के लिए भी नई योजना तैयार की गई है। मारुति सुजुकी, इको के अलावा रेंट-ए-कार के साथ मिलकर कैब सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें यात्रियों का वैरिफिकेशन भी किया जाएगा। जिला उपायुक्त के मुताबिक पहले चरण में 50 महिला चालकों को ट्रेनिंग देकर जल्द ही सड़कों पर उतारा जाएगा। इन कैब को कॉरपोरेट सेक्टर के लिए चलाया जाएगा। जिला प्रशासन ने इन कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया है।
क्या है खासियत
--मोबाइल ऐप में ऑनलाइन टाइमर सेट किया जा सकता है। अगर महिला यात्री समय पर घर नहीं पहुंचती है तो ऐप की मदद से उसके पैनल पर अनगिनत मैसेज और संदेश चले जाएंगे।
--जीपीएस से कनेक्ट होने के कारण मोबाइल ऐप की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जा सकेगी। ट्रैफिक के दौरान भी गाड़ी रुकने का मैसेज आएगा।
--मोबाइल ऐप से 30 हजार उपभोक्ता जुड़ चुके हैं।
--एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप को 99 रुपये में एक साल के लिए डाउनलोड किया जा सकता है।
--जिला प्रशासन की तरफ से कॉरपोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों के मोबाइल को इससे कनेक्ट करने की गुजारिश की है। इसके लिए कंपनी ही मोबाइल ऐप का चार्ज देगी।