स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी को लेकर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दिल्ली कैंट स्थित नई पुलिस लाइन में फायरिंग का प्रशिक्षण देकर पुलिसकर्मियों की तैयारियों को परखा जा रहा है।
उत्तरी जिले के कई थानों के पुलिसकर्मी फायरिंग रेंज में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा दूसरे जिले में भी सुरक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। साउथ-ईस्ट जिले के भीड़भाड़ वाले बाजारों में कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर गश्त कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले एक सप्ताह से पुलिस पूरी तरह से चौकस है। इलाके में गश्त तेज करने के अलावा वाहनों की सघन जांच की जा रही है। खास कर दिल्ली की सीमा पर वाहनों की जांच तेज कर दी गई है।
इसके लिए संबंधित थाने के पुलिसकर्मियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, इलाके के बड़े मंदिरों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए मंदिर के प्रबंधकों के साथ पुलिस अधिकारियों ने बैठक की है और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसमें सुधार के उपाय किए जा रहे हैं।
मेटल डिटेक्टर को करवाया जा रहा दुरुस्त
पुलिस का अनुमान है कि रोहिणी और उत्तर पश्चिम जिले के बड़े मंदिरों में जन्माष्टमी पर लोगों की भीड़ जमा हो सकती है। हालांकि कोरोना संकट होने की वजह से इस दफा लोगों की भीड़ न होने की उम्मीद है।
फिर भी पुलिस सुरक्षा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। ऐसे में मंदिरों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रवेश द्वारों पर डोर मेटल डिटेक्टर को भी दुरुस्त करवाने का काम जारी है।