जिसमें उसने लिखा है कि गत वर्ष अक्तूबर माह में उसकी नौ साल की भांजी के साथ दुष्कर्म किया गया था। आरोप पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पर था। बच्ची के पिता की मौत हो जाने की वजह से कमल सिंह मामले की पैरवी कर रहा था।
आरोपी नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा। कुछ माह बाद वह जमानत पर रिहा हो गया। उसके बाद से आरोपी व उसका परिवार पीड़ित परिवार को परेशान करने लगा। आरोपी परिवार मामला वापस लेने का दवाब देने लगा। ऐसा नहीं करने पर पीड़ित बच्ची और उसकी मां के साथ मारपीट की गयी।
आरोपियों के जब जब अत्याचार किया पीड़ित परिवार पुलिस से मदद मांगी। कमल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। जिससे आरोपियों का हौसला बढ़ गया। 16 जनवरी को आरोपियों ने कमल सिंह उसकी बहन और भांजी की आंख में मिर्च डालकर मारपीट की गयी लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। जिससे वह काफी परेशान हो गया और उसने यह कदम उठाया। खुदकुशी करने से पूर्व उसने 30 सेकेंड का वीडियो बनाया जिसमें उसने अपना दर्द बयां किया।