दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट तोड़कर कार लेकर घुसे सरबजीत सिंह (37) को तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्तिक तपाड़िया के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने शुरू में 10 दिन की हिरासत मांगी थी, जिसे अदालत ने 8 दिन की अनुमति दे दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने खतरनाक तरीके से वाहन चलाया और सुरक्षा कर्मियों को कुचलने का इरादा जताया।
पुलिस के आला अधिकारी कर रहे जांच
दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट को तोड़ते हुए कैसे आरोपी सरबजीत परिसर में दाखिल हुआ इसको लेकर पुलिस के आला अधिकारी जांच कर रहे हैं। सुरक्षा में कहां चूक हुई और कौन-कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी भी पड़ताल जारी है। वहीं दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा की सुरक्षा में तैनात एसआई और एक एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। बाकी पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। छानबीन के बाद तथ्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मामले में दिल्ली पुलिस के अलावा गेट नंबर-2 पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
भारत नगर के टैक्सी स्टैंड से दो टैक्सी चालकों को साथ लिया
सरबजीत का दावा है कि विधानसभा से निकलने के बाद वह बुरी तरह घबरा गया था। कार लेकर वह भारत नगर के एक टैक्सी स्टैंड पर पहुंचा। यहां पहुंचकर वह कार से उतरा। उसकी कार क्षतिग्रस्त थी। उसने टैक्सी स्टैंड पर बैठे लोगों से पानी मांगा और तबीयत खराब होने की बात की। इसके बाद उसने भांजे के गायब होने की कहानी सुनाई। वहां मौजूद टैक्सी चालकों से उसने दिल्ली के रास्ते पता नहीं होने और साथ चलने की बात कही। आरोपी ने हरीश और नरेश नामक दो टैक्सी चालकों को दो-दो हजार रुपये देने का लालच देकर साथ चलने के लिए राजी किया। आरोपी संसद भवन जाने की भी बात कर रहा था। दोनों सरबजीत के साथ कार में बैठ गए। इस बीच जैसे ही इनकी गाड़ी रूप नगर पहुंची तो पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पुलिस सरबजीत के अलावा हरीश व नरेश से भी पूछताछ कर रही है। हरीश व नरेश दोनों भारत नगर में रहते हैं।
विस सुरक्षा के लिए अध्यक्ष ने दिए मल्टीलेयर सिक्योरिटी के निर्देश
विधानसभा की सुरक्षा में चूक के बाद अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की सुरक्षा में रत्ती भर चूक स्वीकार्य नहीं है। इसे और मजबूत बनाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
बैठक में गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो (आईबी), पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। विजेंद्र गुप्ता ने घटना की समीक्षा करते हुए सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाने, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था सुदृढ़ करने और बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एजेंसियों को रियल-टाइम सूचना साझा करने के निर्देश दिए। प्रवेश द्वारों को और मजबूत करने के लिए कोलेप्सिबल गेट लगाने की बात कही गई।