पाम हिल्स ग्रुप की सोसाइटियों के अलावा, उमंग विंटर हिल्स, मॉनसून ब्रिज, मैप्सको माउंटविले, गोदरेज आरिया जैसी सोसाइटियों में रहते हैं लोग
- कम हो जाएगा भूजल दोहन, टैंकरों से पानी खरीदने से मिलेगी राहत
पूनम
गुरुग्राम। लू और 40 डिग्री तापमान से तप रहे शहर वासियों के लिए जीएमडीए ने एक राहत भरी खबर दी है। हर साल शहर के कुछ हिस्से जल संकट से जूझने को विवश होते हैं। जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार इस महीने के अंत तक चंदू बुढ़ेरा के प्लांट में 100 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) क्षमता का पांचवें प्लांट को चालू कर इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस तरह चंदू बुढ़ेरा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शहर को 500 एमएलडी पानी मिल सकेगा और बसई को जोड़े तो शहर को 770 एमएलडी पानी मिल सकेगा।
दूसरी सूचना है कि कई वर्षों से तैयार होकर चालू होने का इंतजार कर रहे सेक्टर 72 का 262 एमएलडी क्षमता वाला बूस्टिंग स्टेशन मई के अंत तक चालू होगा। सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन के चालू नहीं हो पाने के कारण सेक्टर 75 से लेकर 80 तक की सोसाइटियों तक नहरी पानी नहीं पहुंचा है। इन सेक्टरों की सोसाइटियां 2012 से बसनी शुरू हो गई थी। इस इलाके में करीब 10 सोसाइटियां बसी हुई हैं और इनमें 10,000 से ज्यादा परिवार रहते हैं।
अब तक लाखों के टैंकर से पानी मंगाए : अरावली के इर्द गिर्द, सोहना हाईवे और एनएच 8 हाईवे से संपर्क होने के कारण ये सोसाइटियां काफी महंगी बिकी हैं। मगर यहां के लोगों ने पानी के लिए बहुत संघर्ष किया है। शुरुआत में कई साल तक लोगों ने टैंकरों पर लाखों खर्च कर पानी मंगाए फिर कुछ ने ट्यूबवेल की इजाजत मांगी। कुछ ने ट्यूबवेल लगाने पर पैनल्टी भी भरी।
हालांकि अभी भी इन सोसाइटियों तक पानी की पाइप लाइन नहीं पहुंची है मगर सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन के चालू होने से इन सोसाइटियों को केवल इस लाइन से जोड़ने का काम रह जाएगा। नहरी पानी की आपूर्ति से इस इलाके की जिन सोसाइटियों में हार्ड वाटर (खनिज और मेटल की उपस्थिति ) आ रहा है उन्हें राहत मिलेगी। गुरुग्राम में गिरते भूजल स्तर में कमी आएगी क्योंकि भूजल दोहन बंद हो जाएगा। इस इलाके की सोसाइटियोंं पाम हिल्स ग्रुप की सोसाइटियां हैं, जिनमें करीब 5000 परिवार रहते हैं। उमंग विंटर हिल्स, मानसून ब्रिज, मैप्सको माउंटविले, गोदरेज आरिया जैसी सोसाइटियों में लोग करीब 5000 परिवार बसे हैं। इस इलाके में कई सोसाइटियां निर्माणाधीन है, वहां भी लोग आएंगे। इन सबको 262 एमएलडी की क्षमता वाले बूस्टिंग स्टेशन का फायदा मिलेगा।
हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी, लंबे समय से मांग रही कि नहरी पानी हमारी सोसाइटी में आए मगर कई सालों से आश्वासन मिल रहा था कि इस साल सेक्टर 72 का बूस्टिंग स्टेशन शुरू होगा मगर ऐसा होता नहीं था। हम कई सालों से नहरी पानी का इंतजार कर रहे हैं।
- जसप्रीत सिंह, उमंग विंटर हिल्स, सेक्टर-77
हम जो उम्मीद ही छोड़ चुके हैं। सोसाइटी तक नहरी पानी की लाइन तक नहीं बिछाई गई है। सोसाइटी में 2017 से लोग रह रहे हैं। लंबे समय तक हमलोगों ने टैंकरों से पानी खरीदकर काम चलाया। जीएमडीए अगर नहरी पानी उपलब्ध कराता है तो यह यहां के 5000 परिवारों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
-अमित मुदगिल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, पाम हिल्स, सेक्टर-77
हमलोगों ने पानी को लेकर बहुत संघर्ष किया है। इस सोसाइटी में 700 परिवार रहते हैं। वर्ष 2021 से हमलोग यहां रह रहे हैं। नहरी पानी का सबको बहुत इंतजार है।
- रघु तिवारी, महासचिव, मैपस्को माउंटविले, सेक्टर-79
ट्यूबवेल के हार्ड वाटर के कारण काफी मुश्किल आती है। सेक्टर-72 के बूस्टिंग स्टेशन से अगर सोसाइटी जुड़ जाएगी और नहरी पानी हमारी सोसाइटी तक पहुंचे यह बहुत खुशी की बात है। यह सोसाइटी 2012 से बसी हुई है।
-कपिल गौड़, मानसून ब्रिज, सेक्टर-79
मई के अंत तक सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन को शुरू कर दिया जाएगा। इसकी क्षमता 262 एमएलडी है। चंदू बुढ़ेरा के प्लांट का 100 एमएलडी के संयंत्र का ट्रायल भी मई में शुरू हो जाएगा, इसके बाद शहर में इससे जलापूर्ति शुरू हो जाएगाी।
- जीएमडीए प्रवक्ता