शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि 12 दिसंबर को सविता विहार, शाहदरा निवासी राजेंद्र अग्रवाल अपने सहयोगी के साथ कृष्णा नगर स्थित दफ्तर के लिए निकले। इस बीच वह क्रॉस रिवर मॉल के सामने पहुंचे तो दो बाइकों व होंडा सिटी कार सवार बदमाशों ने इनकी कार को जबरन रुकवा लिया।
बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर राजेंद्र से बैग, दो लैपटॉप और कार की चाबी लूटी और फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की गई। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ को भी छानबीन में लगा दिया गया। टेक्निकल सर्विलांस के अलावा सीसीटीवी कैमरों से पड़ताल की गई।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर विकास कुमार व अन्यों की टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। छानबीन के बाद पता चला कि बदमाशों ने जिन बाइकों व कार का इस्तेमाल किया था वह चोरी की थीं। सीसीटीवी की पड़ताल करने के बाद आरोपियों की पहचान की गई।
जांच में पता चला कि कार को छह दिसंबर को इंदिरापुरम इलाके से चोरी किया गया था। इसके अलावा बाइक पर लगी नंबर प्लेट को शिपरा सन सिटी मॉल से चोरी किया गया था। आरोपियों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने बिजेंदर को 21 दिसंबर को उसके घर से दबोच लिया।
चार लोगों ने मिलकर दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में बिजेंदर ने बताया कि उसने अपने एक रिश्तेदार व दो अन्य लड़कों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। गिरोह यमुना पार के अलावा हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वारदात को अंजाम दे रहा था। राजेंद्र अग्रवाल के पूर्व कर्मचारी ने सूचना दी कि वह अक्सर मोटी रकम लेकर घर से निकलता है। इसी उम्मीद पर बदमाशों ने करीब 25 दिन पहले राजेंद्र के घर से दफ्तर की रैकी की थी। 10 दिसंबर को वारदात को अंजाम देना था, लेकिन किसी वजह से वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। 12 दिसंबर पौने 12 बजे बदमाशों ने दिन-दहाड़े वारदात को अंजाम दिया। बाद में आरोपी फरार हो गए। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।