हर्षवर्धन का मानना है कि ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे यदि सीट बेल्ट बांधे होते तो शायद उनकी जान बच जाती। इसी वजह से एम्स व आईएमए के चिकित्सकों ने कार की पिछली सीट पर बैठने वाले लोगों के लिए भी सीट बेल्ट अनिवार्य करने की सलाह दी।
गोपीनाथ मुंडे के इलाज करने वाले चिकित्सकों के दल में शामिल डॉ. सुबोध गुप्ता ने कहा कि कार की स्पीड काफी थी ऐसे में यदि अचानक से ब्रेक लगाया जाए तब भी इस तरह की दुर्घटना होने का खतरा रहता है।
पश्चिमी देशों की तरह भारत में भी कार की पिछली सीट पर बैठने वाले लोगों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।