20 दिन से लापता युवक की तलाश तीन राज्यों की पुलिस के अधिकार क्षेत्र की लड़ाई में फंस गई है। बागेश्वर, उत्तराखंड पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर दिल्ली की आदर्श नगर पुलिस के पास भेज दी है तो आदर्श नगर पुलिस बेंगलूरू का मामला बताकर एफआईआर से इन्कार कर रही है। ऐसे में बेचारे परिजन अपने बेटे की खुद ही तलाश में जुटे हुए हैं। उनका बेटा बेंगलुरु से अपने दोस्त से मिलने दिल्ली आया था।
गायब युवक बबलू(27) के सिमकूना, थाना कांडा जनपद, बागेश्वर निवासी पिता किशोर कुमार ने बताया कि उनका बेटा बबलू कुमार बेंगलूरू में नौकरी करता है। वह 13 जुलाई को बेंगलूरु से दिल्ली अपने दोस्त से मिलने आया था। बेटे ने 15 जुलाई को 11 बजकर 52 मिनट व 46 सेकंड पर अपने पिता को फोन किया कि वह डीटीसी आजादपुर टर्मिनल पहुंच गया है। मैं अपने दोस्त विनोद से मिलने जा रहा हूं।
इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया। तब उसका फोन बंद आ रहा था। उसकी खोजबीन की गई, मगर पता नहीं लगा। इसकी शिकायत कांडा जनपद, बागेश्वर, उत्तराखंड पुलिस से की गई। बागेश्वर पुलिस ने कहा कि इलाका उनका नहीं है। बबलू कुमार दिल्ली से गायब हुआ है। ऐसे में बागेश्वर पुलिस ने जीरो एफआईआर कर उत्तर-पश्चिमी जिले की आदर्श नगर थाना पुलिस को भेज दी।
वहां से सिपाही इस एफआईआर को दिल्ली लेकर आया। मगर आदर्श नगर पुलिस ने एफआईआर लेने से मना कर दिया। पुलिस का कहना था कि बबलू कुमार बेंगलूरू से चला है। ऐसे में मामला बेंगलूरु पुलिस का बनता है। इसके बाद बागेश्वर पुलिस ने डाक आदि से तीन बार जीरो एफआईआर भेजी, मगर आदर्श नगर पुलिस ने एफआईआर को लेने से मना कर दिया। पीडि़त परिवार जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
20 दिन से परिवार खुद ढूंढ रहा है-
बबलू के पिता मनोज कुमार, भाई प्रदीप, चाचा मनोज कुमार और तीन जीजा 20 दिन से दिल्ली की सड़कों पर उसकी तलाश कर रहे हैं। पीडि़त परिवार का कहना है कि बबलू का फोन दिल्ली में लगातार चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है।
जिला पुलिस कार्रवाई कर रही है-
उनकी बागेश्वर के एसपी से बात हो गई है। जिला पुलिस पीडि़त परिवार की सहायता कर रही है और बबलू कुमार को ढूंढने के प्रयास किया जा रहे हैं। पीडि़त परिवार को इसके बारे में बता दिया गया है।
-जितेंद्र मीणा, पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पश्चिमी जिला