जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में तेंदुए को लेकर तलाश जारी है। शनिवार को वन विभाग की टीम ने जेएनयू परिसर में पिंजरा और कैमरा ट्रैप लगा दिया है। जिससे तेंदुए को पकड़ा जा सके। हालांकि जेएनयू प्रशासन वन विभाग के हवाले से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर पहले ही इनकार कर चुका है।
मगर, वन विभाग किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर एक पिंजरा और चार कैमरा ट्रैप लगाए हैं। जिससे तेंदुए के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि अभी तक तेंदुआ होने को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई। लेकिन जेएनयू परिसर में बड़ी तादाद में छात्र रहते हैं। ऐसे में किसी प्रकार का कोई जोखिम नहीं ले सकते हैं। दो कैमरे गोदावरी हॉस्टल के पास दो कैमरे अरावली गेस्ट हाउस के आसपास लगाए हैं। पिंजरा, कैमरा ट्रैप के अलावा चार सदस्यों की टीम भी वहां पर मौजूद है। अगर कुछ होगा तो एक-दो दिन में स्पष्ट हो जाएगा।
दरअसल, कावेरी हॉस्टल के एक छात्र ने अरावली गेस्ट हाउस के पास परिसर में शुक्रवार देर रात को तेंदुआ देखने का दावा किया था। यह छात्र वाइल्डलाइफ पर काम करता है। छात्र बिल्ली और कुत्तों को फीडिंग भी कराता है। छात्र का दावा था कि तेंदुए के आने पर परिसर के कुत्ते और बिल्ली छिप गए थे। इसके बाद तेंदुए की सूचना पर जेएनयू में हड़कंप मच गया।
फिर जेएनयू प्रशासन ने सावधानी के तौर पर यूनिवर्सिटी के सभी निवासियों को दरवाजे और खिड़की बंद करने के निर्देश जारी कर दिए थे। परिसर में समूह के साथ जाने का परामर्श दिया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र में लाइट जलाकर रखें। कावेरी, पेरियार, गोदावरी हॉस्टल की खास निगरानी रखी जाए, वहां पर दिव्यांग छात्र रहते हैं। स्टेडियम के हिस्से भी खास देखरेख हो और जेएनयू के जंगल क्षेत्र से दूर रहें। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हैं। उसको एआई से बनी हुई तस्वीर बताया जा रहा है।