उसकी तलाश में एनडीआरएफ, दमकल, डीडीएमए समेत कई एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इससे नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने रविवार को सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि नाले में तेज बहाव और घनी झाड़ियों के बावजूद तलाश प्रभावी तरीके से नहीं की जा रही है। उनका कहना था कि संबंधित एजेंसियां नाले में उतरकर तलाशी लेने के बजाय लकड़ी के सहारे पानी में जांच कर रही हैं। समय रहते गंभीरता से तलाश की जाती तो मिथुन का पता चल सकता था। लोगों ने प्रशासन से आधुनिक उपकरणों और पर्याप्त संसाधनों के साथ अभियान चलाने की मांग की।
वहीं, एनडीआरएफ के मुताबिक, नाले में पानी का बहाव काफी तेज है। इसके अलावा आसपास घनी झाड़ियां होने के कारण तलाशी अभियान में दिक्कत आ रही है।
बेटे की तलाश में खुद नाले में उतर गया पिता
सर्च ऑपरेशन के बावजूद जब बेटे का कोई पता नहीं चला तो उसके पिता अवधेश खुद नाले में उतर गए। गंदे और तेज बहाव वाले पानी के बीच वह अपने बेटे को तलाशते रहे। परिजनों का कहना है कि मिथुन के मिलने तक तलाशी अभियान बंद नहीं होना चाहिए।