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किसानों ने एसडीएम और डीसीओ को घेरा

Fri, 11 Jul 2014 01:15 AM IST
अमर उजाला, मोदीनगर
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बकाया 161 करोड़ रुपये भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पर एसडीएम व डीसीओ का घंटों घेराव किया। किसान मिल स्वामी उमेश कुमार मोदी पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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एसडीएम ने डीएम की संस्तुति पर मिल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान शांत हुए। वहीं देर शाम गन्ना विकास समिति के सचिव दिनेश यादव ने बकाया भुगतान को लेकर मिल के चीफ मैनेजर कामर्शियल वीके जैन व डायरेक्टर बीके लूथरा के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

बृहस्पतिवार को गन्ना भुगतान को लेकर तहसील में प्रशासनिक व मिल अधिकारियों और किसानों की बैठक हुई। दोपहर एक बजे तहसीलदार कमलेश कुमार व मोदीनगर गन्ना विकास समिति के सचिव दिनेश यादव व नायब तहसीलदार पुष्कर नाथ की मौजूदगी जैसे ही बैठक शुरू हुई तो भुगतान को लेकर किसान नेता हंगामा करने लगे।
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किसानों ने अधिकारियों का घेराव किया। किसान नेताओं ने ऐलान कर दिया कि जब तक डीएम व डीसीओ नहीं आएंगे तब तक मौजूद अधिकारियों को यहां से नहीं जाने दिया जाएगा। हंगामे की सूचना पर डीसीओ नमिता सिंह भी वहां आ गईं। हंगामा बढ़ता देख वहां पुलिस बुला ली गई, जिसका एक किसान नेता ने विरोेध किया।

किसान नेताओं ने कहा कि वे मिल की आरसी के खिलाफ हैं। इससे भुगतान लंबे समय तक अटक जाता है। वे आरसी नहीं बल्कि मिल मालिक उमेश कुमार मोदी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज चाहते हैं। तहसीलदार व डीसीओ ने बताया कि डीएम की संस्तुति के बिना मिल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकती है।

इस पर किसान भड़क गए। उनका कहना था कि बिना सक्षम अधिकारी के बैठक का क्या औचित्य है। हंगामे के कारण छुट्टी पर होने के बावजूद एसडीएम कृष्णा करुणेश बैठक में पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया।

घंटों चले गतिरोध के बाद लिखित समझौता हुआ तब किसान शांत हुए। डीएम विमल कुमार शर्मा का कहना है कि मिल के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में हरेंद्र नेहरा, सतेंद्र तोमर, राजकुमार प्रिंस, सतीश राठी, दर्शन नेहरा, बिट्टू, नेपाल सिंह, ब्रजपाल दहिया, चंद्रपाल, अरुण दहिया, इंद्रपाल, ब्रजवीर, राजनाथ सिंह, राजवीर प्रधान, अशोक चौधरी, बलराम चौधरी, आदेश त्यागी, राजेंद्र, मनोज त्यागी व विनोद आदि थे। मिल के मैनेजर लाइजनिंग कपिल कुमार का कहना है कि भुगतान के लिए मिल प्रबंधन प्रयास कर रही है।
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डीसीओ और तहसीलदार में हुई नोकझोंक
रिकवरी चार्ज के 62 लाख रुपये को लेकर डीसीओ नमिता सिंह व तहसीलदार कमलेश कुमार में तीखी नोकझोंक हुई।

किसानों और प्रशासन के बीच हुए समझौते के मुख्य बिंदु
डीएम की संस्तुति से उमेश मोदी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी
मिल के स्टॉक में जमा 60 करोड़ की चीनी की बिक्री कर किसानों को भुगतान किया जाएगा
शेष सौ करोड़ के भुगतान के लिए मिल की संपत्ति को कुर्क कर 30 दिन में नीलामी की जाएगी
रिकवरी चार्ज के रुप में तहसील प्रशासन द्वारा वसूले गए 62 लाख रुपये भी वापस किए जाएंगे
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