शनिवार को तावडू क्षेत्र के पुलिस के काबू आए राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोरी कलां में एक जेबीटी शिक्षक की ओर से 21 फरवरी को कक्षा चौथी की एक अबोध बालिका के संग की गई अश्लील छेड़छाड़ करने के मामले ने मेवात में ग्रामीण बालिकाओं के अभिभावकों को गहरी नींद से जगा दिया है।
फिलहाल मेवात पुलिस ने आरोपी रामचंद्र के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है मगर इस घटना ने जिला शिक्षा विभाग की कलई खोलकर रख दी है। उधर ग्रामीणों को अब शिक्षा विभाग की ओर से आरोपी शिक्षक के विरुद्ध की जाने वाली कार्यवाही का इंतजार है।
बता दें कि इस वारदात को लेकर नूंह स्थित जिला महिला थाने की डीएसपी शकुंतला के आदेश पर पीड़ित बालिका, जोकि कक्षा चार में पढ़ती है, के पिता (राजस्थान के टपुकड़ा, जिला अलवर का प्रवासी मजदूर) की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को काबू किया। खोरीकलां चौकी के प्रभारी एएसआई जगदीश ने इसकी पुष्टि की है।
महिला पुलिस थाने की जांच अधिकारी ने वारदात को लेकर मौका मुआयना करने के साथ ही पीड़ित अबोध बालिका के बयान रिकॉर्ड पर अंकित कर लिए हैं।
पीड़िता का पुलिस ने मेडीकल मुआयना भी कराया है। पीड़िता के पिता की शिकायत मिलने के बाद आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मगर जिला शिक्षा विभाग की अगली सख्त विभागीय कार्यवाही का ग्रामीणों को इंतजार है।
आलम यह है कि इस मामले में संबंधित प्राथमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक ने भी वारदात को संजीदा तरीके से नहीं लिया। उसके प्रति भी ग्रामीणों की काफी नाराजगी है। पता चला है कि मुयाध्यापक को इस वारदात की जानकारी बीईओ तावडू अनूप सिंह के कार्यालय में एक लिपिक स्तर के कर्मचारी को दी मगर उसने आगे इसे अपने उच्च अधिकारी को नहीं बताया।
इस आधार पर शिक्षा विभाग के ये दोनों अधिकारी इस मामले में अपने कर्त्तव्य को निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे। एक सप्ताह पहले की वारदात पर शनिवार को जब ग्रामीणों के अपना विरोध जताया। तब तक बीईओ तावडू को मामले की जानकारी नहीं थी मगर बाद में वे संबंधित स्कूल और खोरी कलां पुलिस चौकी में पहुंच गए।
बता दें कि बीईओ साहब भी एक महिला प्रवक्ता की शिकायत के मामले में फंसे हुए हैं, जिसकी गूंज शिक्षा निदेशालय पंचकुला से लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महिला आयोग तक पहुंच चुकी है।
सोशल मीडिया पर भी काफी दिन तक यह मामला छाया रहा। उस मामले की विभागीय जांच उप जिला शिक्षा अधिकारी ज्ञानवती कर रही हैं। फिलहाल इस मामले का सच भी पर्दे के पीछे है।
अब प्राथमिक विद्यालय खोरी कलां में तैनात जेबीटी शिक्षक की इस करतूत ने जिला शिक्षा विभाग और शिक्षक समुदाय का सिर शर्म से झुका दिया है। ऐसी सूरत में जिले के अन्य स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं के अभिभावक भी अब चिंता में नजर आने लगे हैं।