उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के मामले में समुदाय विशेष के लोग पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस केवल एक समुदाय को निशाना बना रही है, जबकि दंगाइयों का कोई जाति-धर्म नहीं होता। पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि बगैर पुख्ता सबूत के किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान का आरोप है कि हिंसा के बाद पुलिस की ओर से जारी कार्रवाई से कई सवाल उठ रहे हैैं। हिंसा में अब तक 2193 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें सबसे अधिक एक ही समुदाय के लोग हैं। इससे प्रतीत होता है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
हिंसा में दोनों समुदाय का नुकसान हुआ है। इसमें सैकड़ों दंगाई शामिल थेे। पुलिस के पास कुछ इलाकों का सीसीटीवी फुटेज भी है, जिसमें कई लोगों के नाम सामने आए हैं। जाफराबाद के लोगों का आरोप है कि पुलिस घरों से बाहर किसी काम से जा रहे युवकों को भी पूछताछ के नाम पर उठा ले रही हैै। हिरासत में लिए गए लोग दोषी हैं तो उन्हें कोर्ट के सामने क्यों नहीं पेश किया जा रहा है।