होटल में बैठ कर रह रहे थे ठगी
पुलिस ने आरोपियों की तकनीकी निगरानी, डिजिटल फुटप्रिंट और मनी ट्रेल का विश्लेषण किया। जिससे पता चला कि आरोपी जिस व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे थे वह फर्जी पहचान पर लिए गए नम्बर थे। आरोपियों ने पूरे भारत से करंट अकाउंट चला रहे लोगों से कमीशन के आधार पर उनके अकाउंट किराए पर लिए थे। जिनमें पीड़िता से पैसा जमा कराए गए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि सभी खाताधारकों को जयपुर व सीकर के अलग अलग होटलों में बुलाया गया था। पुलिस ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान सीकर से पुलिस ने चोथमल सैनी को वारदात में इस्तेमाल मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया।
कोविड के दौरान घाटे में आया तो करने लगा साइबर ठगी
आरोपी चोथमल सैनी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसे अपना स्कूल चलाने के लिए पैसे की जरूरत थी क्योंकि वह कोविड काल से घाटे में था और कमीशन के आधार पर धोखेबाजों को बैंक खाता उपलब्ध कराता था। संदिग्ध ठगी की गई राशि/भुगतान को विभिन्न खातों में जमा करवाते हैं और भुगतान को नकद में लेते हैं। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर अब उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयाा कर रही है।