पलवली के स्कूल व आंगनबाड़ी में पसरा संन्नाटा
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शहर से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पलवली गांव के हर शख्स के माथे पर लकीरें हैं। चुनावी रंजिश के चलते गांव की खुशहाली पर लगे ग्रहण का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। रात के अंधेरे में गोलियों की तड़तड़ाहट के खौफ ने अधिकतर बच्चों को स्कूल की चौखट तक जाने से रोक दिया है। स्कूल से लेकर आंगनबाड़ी, हर जगह सन्नाटा पसरा है।
गांव का राजकीय प्राथमिक स्कूल आरोपी पक्ष के घरों के पास स्थित होने के से डर अधिकांश लोगों ने मंगलवार को भी अपनी बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। रविवार रात हुई इस वारदात के अगले दिन सरकारी स्कूल में महज एक बच्चा पहुंचा था। घर जाने की जिद पर उसे भी छोड़ दिया गया। विद्यार्थी नहीं होने के कारण मिड डे मिल के वाहन को वापस लौटा दिया गया।
मंगलवार को 30 से भी कम बच्चे सरकारी स्कूल में मौजूद थे। अन्य मोहल्ले से आने वाले कई बच्चे स्कूल की चौखट तक जाना नहीं चाह रहे हैं। माहौल को देखते हुए व पुलिस की तैनाती के चलते माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। इसके अलावा गांव के बाहर बना निजी स्कूल दो दिन से बंद है। आंगनबाड़ी केंद्र में आमदिनों में दिखने वाली रौनक गायब सी हो गई।