साइबर क्राइम से निपटने के लिए दिल्ली के लगभग 7.3 लाख बच्चों को सोशल मीडिया के सही उपयोग की शिक्षा दी जाएगी। इसमें छावनी परिषद, एनडीएमसी समेत दिल्ली सरकार के लगभग सभी 1040 स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे।
दिल्ली के उप शिक्षा निदेशक मोहिंदर पाल ने बताया कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने इसको लेकर एक कार्यक्रम तैयार किया है। यह कार्यक्रम आगामी 23 नवंबर से शुरू किया जाएगा। इसमें 13 जिलों के 9 से 12वीं कक्षा तक के छात्र शामिल होंगे। इसके लिए एनसीईआरटी ने सभी स्कूलों, शिक्षकों के अलावा बच्चों के अभिभावकों को भी दिशा निर्देश भेज दिया है। मोहिंदर पाल ने बताया कि सोशल मीडिया के सही उपयोग की जानकारी देना बच्चों के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के खतरे के चलते बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं। ऐसा कब तक चलता रहेगा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में बच्चों को साइबर क्राइम और उससे होने वाले खतरे के विषय में समझाना बेहद जरूरी है। बच्चों को साइबर खतरों को समझाना और उनसे बचाना सरकार की भी जिम्मेदारी है। इसके लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। शिक्षा विभाग एनसीईआरटी के सहयोग से सरकार के इस निर्णय को सफल बनाने का प्रयास कर रही है।