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नोएडा के नामचीन निजी स्कूलों का पर्दाफाश, फर्जीवाड़े से गरीब कोटे में किया बच्चों का दाखिला

Mon, 17 Dec 2018 03:16 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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स्कूल (सांकेतिक तस्वीर)
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शहर के नामचीन निजी स्कूलों में फर्जीवाड़ा कर बच्चों का दाखिला गरीब कोटे (ईडब्ल्यूएस) में कराने का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी के आदेश पर कराए गए सर्वे में नौ अभिभावकों के खिलाफ रिपोर्ट दी गई। इनमें से एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं, चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही चल रही है। चार अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला नहीं कराया इसलिए उनके खिलाफ फिलहाल मामले पर विचार किया जा रहा है। 

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आय प्रमाण पत्र में अभिभावकों ने दिखाया गरीब, एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत निजी स्कूलों को नर्सरी दाखिले में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब कोटे (ईडब्ल्यूएस) के तहत बच्चों का दाखिला करना है। इस आधार पर अभिभावकों ने दाखिले के लिए आवेदन किया। इसके बाद दाखिले भी हो गए। बाद में जब ऐसे अभिभावकों की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी से कराई गई तो उनमें से नौ के खिलाफ मामला उलटा निकलकर सामने आ गया। जांच में पता चला कि ऐसे बच्चों के अभिभावकों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर उसमें अपने आप को एक लाख रुपये प्रति वर्ष तक आय होने की बात दिखाई। इसी आधार पर दाखिला होना था। 
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चार के अभिभावकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की चल रही कार्यवाही

जांच में पता चला कि इनकी आय इससे काफी अधिक है। जांच के बाद छपरौली बांगर निवासी सुनील चौहान के खिलाफ विभाग ने मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा बरौला निवासी अमर कुमार रावत, कादलपुर निवासी शकील, रौनीजा के मुकेश कुमार और भाईपुर ब्रह्मनानपुर के कौशल शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इन्होंने फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चों का दाखिला स्कूलों में करा लिया था।  वहीं, सेक्टर- 8 निवासी सरोज कुमार चौधरी, सेक्टर-20 के  सचिन शर्मा, छपरौली बांगर के रोहित चौहान और योगेश कुमार ने बच्चों का प्रवेश नहीं कराया। जिलाधिकारी का कहना है कि फर्जीवाड़ा कर ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला कराने वाले अभिभावकों को चेतावनी दी जा रही है कि पकड़े जाने पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
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