इससे पहले आम्रपाली समूह ने पीठ को जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा की सात संपत्तियों तथा बिहार के दो परिसरों को सील कर दिया गया है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सात परिसरों को सील करने का काम गुरुवार को पूरा कर लिया गया था।
कोर्ट के आदेश का किया उल्लंघन
सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि समूह के प्रमोटर और दो निदेशकों ने अदालत के आदेश का लगातार उल्लंघन किया है। पिछले करीब एक वर्ष से समूह लगातार अदालती आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। वे अदालत के समक्ष गलतबयानी कर रहे हैं। तीनों को पुलिस हिरासत में रखा जाना चाहिए।
हिरासत में रखने के पक्ष में था कोर्ट
शुरुआत में पीठ तीनों को पुलिस हिरासत में रखने के पक्ष में थी। इस पर आम्रपाली के वकील आलोक अग्रवाल ने कहा कि तीनों को हिरासत में रखने के बजाय निगरानी में रखा जा सकता है। पीठ ने आग्रह स्वीकार कर तीनों को 15 दिन तक घर के बजाय पुलिस निगरानी में होटल में रखने का निर्देश दिया।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट का आरोप
फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने पीठ को बताया कि उनके लिए दस्तावेजों को सूचीबद्ध करना संभव नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि आम्रपाली समूह ने अब तक मांगे गए दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं। पीठ ने कहा कि दस्तावेजों को क्रमवार सूचीबद्ध करने का काम समूह का है।