दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार रात आम्रपाली समूह के सीएमडी अनिल शर्मा और दो निदेशकों शिव प्रिय तथा अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों को नोएडा स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर नई दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित कार्यालय लाया गया। इन्हें शुक्रवार को कड़कड़डूमा की निचली कोर्ट में पेश कर रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक अपराध शाखा को इन तीनों को गिरफ्तार करने की इजाजत दे दी थी। साथ ही इनकी निजी संपत्तियों को भी जब्त करने का आदेश दिया।
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की पीठ के सामने आर्थिक अपराध शाखा की ओर से कहा गया था कि दिल्ली के एक व्यवसायी ने 2016 में आम्रपाली निदेशकों पर आपराधिक साजिश रचकर 6.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। लिहाजा हम उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ करना चाहते हैं।
इस पर पीठ ने दिल्ली पुलिस से कहा कि हमने इन निदेशकों को गिरफ्तार करने से किसी भी एजेंसी को कभी नहीं रोका है। आप उन्हें अपनी कस्टडी में ले सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी। उस दिन सीएमडी व निदेशकों के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई होगी।
दिल्ली पुलिस के सीएमडी और दो निदेशकों की गिरफ्तारी की इजाजत मांगने का आम्रपाली समूह की वकील गीता लूथरा ने विरोध किया। उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि इनकी गिरफ्तारी का आदेश न दिया जाए क्योंकि ये लोग जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। लेकिन पीठ ने उनकी अपील को ठुकराते हुए कहा कि यह संभव नहीं है, अब बहुत हो चुका है।
अभी तक यूपी पुलिस की हिरासत में थे
सुप्रीम कोर्ट आम्रपाली समूह के विभिन्न प्रोजेक्ट में करीब 42,000 फ्लैट बुक कराने वाले खरीदारों को कब्जा दिलाने के लिए खरीदारों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। समूह के सीएमडी तथा दोनों निदेशक कोर्ट के निर्देश पर अभी तक यूपी पुलिस की हिरासत में थे।