सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का जल्द ही होगा दोहरीकारण
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिणी दिल्ली के आउटर रिंग रोड को जाम मुक्त बनाने के लिए सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर के दोहरीकरण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने परियोजना का खाका तैयार कर लिया है। फिलहाल, विभाग ने व्यय वित्त समिति (ईएफसी) के पास परियोजना को मंजूरी देने के लिए फाइल भेज दी है। अधिकारियों का कहना है कि नए साल की शुरुआत में परियोजना को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से रोजाना लाखों वाहन चालकों को जाम से निजात मिलेगी।
सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर वर्ष 2001 में सिंगल कैरिजवे बना था। मौजूदा स्थिति में नेहरु प्लेस से आईजीआई एयरपोर्ट जाने वाले इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आईजीआई की तरफ से आने वाले वाहनों को यहां पर फ्लाईओवर की सुविधा नहीं मिल पाती है। अधिकारियों ने बताया कि द्वारका-एयरपोर्ट से नेहरू प्लेस, गोंविदपुरी, आंबेडकर नगर और महरौली की ओर आने वाले यातायात यहां आकर जाम में फंस जाते है। ऐसे में वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर फ्लाईओवर जहां मौजूद है, वहां सड़क की चौड़ाई भी काफी कम है। इसकी वजह से बॉटल नैक बन जाती है और कई किलोमीटर लंबा जाम लगता है।
7.2 किलोमीटर की दूरी पर रहता है ज्यादा यातायात
ओखला से आईआईटी तक 7.2 किलोमीटर की दूरी पर लगातार चौराहों, सिग्नल, सिंगल कैरिजवे फ्लाईओवर के कारण ज्यादा यातायात होता है। साथ ही, ओखला औद्योगिक क्षेत्र, सुखदेव विहार, सीआर पार्क, कालकाजी मंदिर, नेहरू प्लेस और ग्रेटर कैलाश जैसे आसपास के क्षेत्रों को लूप प्रदान करने के लिए हर 500-600 मीटर की दूरी पर लगभग आठ चौराहे और कई ट्रैफिक सिग्नल हैं। बार-बार सिग्नल, यू-टर्न के कारण क्षेत्र में भीड़भाड़ होती है और व्यस्त समय के दौरान भारी यातायात होता है। ऐसे में इस क्षेत्र को जाम मुक्त करने के लिए सिग्नल फ्री करने की योजना भी है। इसमें सबसे पहले सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का दोहरीकरण होगा। साथ ही, मोदी मिल फ्लाईओवर और कालकाजी फ्लाईओवर को आपस में जोड़ने की भी योजना है।
एयरपोर्ट आने-जाने में होगी आसानी
इस योजना से ओखला और एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। योजना में पीडब्ल्यूडी ने 6 लेन के मोदी मिल फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ सड़क को चौड़ा करने और फ्लाईओवर के नीचे की ओर ढलान के अंत में स्थित मेट्रो स्टेशन के सामने ट्रैफिक लाइट को हटाने की योजना बनाई है। एक बार जब फ्लाईओवर चौड़ा हो जाएगा और कालकाजी फ्लाईओवर के साथ एकीकृत हो जाएगा तो मोदी मिल फ्लाईओवर पर ट्रैफिक लाइट की आवश्यकता नहीं होगी। एकीकरण के बाद ओखला मंडी से सुखदेव विहार व आईआईटी गेट की ओर जाने वाला यातायात फ्लाईओवर के नीचे लूप से जा सकता है और सीधे आईआईटी दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट की ओर जा सकता है।