नई दिल्ली। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) की दिल्ली राज्य समिति ने रविवार को जंतर-मंतर पर सार्वजनिक शिक्षा बचाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के 96वें शहादत दिवस को समर्पित इस कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिकारियों को पुष्पांजलि अर्पित कर हुई।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता जेएनयू के इतिहासकार डॉ. राकेश बटाब्याल ने शिक्षा के मौजूदा संकट और छात्र आंदोलनों की मजबूती पर जोर दिया। एआईडीएसओ दिल्ली की उपाध्यक्ष और जेएनयू की शोधार्थी सुमन ने नई शिक्षा नीति के जमीनी प्रभावों पर चिंता जताई। वहीं, केंद्रीय संयुक्त सचिव समर महतो ने आरोप लगाया कि इस नीति के जरिए शिक्षा को 'वस्तु' में बदला जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में नई शिक्षा नीति के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने छात्रों से एकजुट होकर बड़े आंदोलन का आह्वान किया। संवाद