अनाधिकृत कॉलोनियों को लेकर भाजपा का ढिंगोरा पीटना मात्र दिखावा है। भाजपा की नियत ही नहीं है दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को पक्का करके लोगों को उनका मालिकाना हक दिया जाए।
भाजपा सचमुच दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को पक्का करना चाहती है तो केंद्र सरकार के मंत्री हरदीप पुरी एक महीने का वादा करने के बाद छह महीने का वक्त नहीं मांगते। यह बातें आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक बयान जारी कर कहीं।
भारद्वाज ने यह भी कहा कि अभी तक दिल्ली की जनता के मन में एक असमंजस था कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है या केंद्र सरकार की है। यह अब स्पष्ट हो गया है कि दोनों ही सरकार की जिम्मेवारी है। पांच मूलभूत सुविधाएं जिसमें नालियां, सड़कें, सीवर, बिजली और पानी की व्यवस्था करना दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।
दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से का काम पूरा किया। दिल्ली का चुनाव नजदीक देख प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी सिर्फ इस मुद्दे पर हमदर्दी दिखाने का ढोंग रच रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने मनोज तिवारी के बयान जिसमें 6 महीने के भीतर दिल्ली की सभी कालोनियों को पक्का कर दिया जाएगा पर सवाल खड़ा किया। पूछा है कि भाजपा जनता के साथ धोखा क्यों कर रही है। 4 महीने बाद दिल्ली में चुनाव को देखकर तो ऐसा बयान तिवारी नहीं दे रहे है। कांग्रेस पार्टी भी इसी झूठ का सहारा लेती थी जो आज भाजपा ले रही है।
‘दिल्ली बचाओ, भाजपा लाओ’ अभियान 22 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू
अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने ‘दिल्ली बचाओ, भाजपा लाओ’ अभियान लांच किया। इस अभियान के तहत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने 22 विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान शुरू किया।
अनधिकृत कॉलोनियों में पहुंचकर भाजपा नेताओं ने लोगों को बताया कि कॉलोनियां नियमित करने के नाम पर दिल्ली सरकार उन्हें गुमराह कर रही है। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार पहले से ही इस मुहिम में जुटी हुई है। दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही सभी कच्ची कॉलोनियां पक्की होंगी।
बिजवासन और छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि अनधिकृत कालोनियां नियमित होकर रहेंगी। 2015 में अरविंद केजरीवाल ने अपने घोषणा पत्र के 56वें प्वाइंट में कहा था कि अनधिकृत कालोनियों को नियमित करेंगे।
वहां अस्पताल, स्कूल, सीवर, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं देंगे, लेकिन पांच साल बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रित हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री झूठे प्रचार में जुटे है। कच्ची कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं देने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए है।
बुराड़ी, करावल नगर और मुस्तफाबाद में हुई जनसभा में प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार नहीं चाहती कि अनधिकृत कालोनियां नियमित हों। अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कराने के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने 2015 में दिल्ली सरकार से रिपोर्ट मांगी तो मुख्यमंत्री ने इसके लिए दो साल का समय मांगा। दो साल बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुछ करना चाहते हैं तो सभी अनधिकृत कॉलोनियों में कम से कम बाउंड्री करा दें।
जनकपुरी और मटियाला विधानसभा क्षेत्र में हुई सभा में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में दिल्ली सरकार झूठ व भ्रम फैला रही है। केंद्र सरकार के निर्णय से ही दिल्ली की कच्ची कॉलोनिया नियमित होंगी। कार्यक्रम संयोजक व प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर कॉलोनियों को नियमित करने का ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है।
केजरीवाल सरकार और कांग्रेस दोनों ने दिया धोखा
नरेला और रिठाला विधानसभा क्षेत्र में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि केजरीवाल सरकार चाहती तो यह कॉलोनियां काफी पहले नियमित हो सकती थीं। कांग्रेस और केजरीवाल सरकार दोनों ने मिलकर धोखा दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रजिस्ट्री खोलने की बात कहकर पांच साल से धोखा दे रहे हैं।
बिजली, पानी, सड़कें और सीवर की समस्या अब तक सरकार ने हल नहीं कीं। वोट बैंक की राजनीति के लिए केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल की अध्यक्षता में जो कमेटी बनाई है, उसके कामों का श्रेय मुख्यमंत्री लेना चाहते हैं। उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जयप्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार डेंगू के मामले में भी झूठ बोल रही है। पांच साल में एक दिन सफाई करके सीएम जनता को बेवकूफ बनाना चाहते हैं।