नेपाली महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उन्हें बंधक बनाने के आरोपी सऊदी अरब के राजनयिक ने बुधवार रात भारत छोड़ दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक, हमें जानकारी मिली है कि नेपाली महिलाओं के साथ रेप के आरोपी सऊदी दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी माजिद हसन अशूर ने भारत छोड़ दिया है।
स्वरूप ने कहा कि प्रथम सचिव होने के नाते राजनयिक को विएना संधि के तहत कानूनी कार्रवाई से छूट हासिल थी।
सऊदी दूतावास ने पूरे मामले को गलत बताया
दो नेपाली महिलाओं से कई दिनों तक सऊदी राजनयिक और उसके दोस्तों की ओर से रेप और उन्हें बंधन बनाने की खबर मिलने के बाद इस माह सात सितंबर को सऊदी राजनयिक के घर पर गुड़गांव पुलिस ने दबिश डाली थी। सऊदी दूतावास पूरे मामले को गलत बता रहा था।
उसने पुलिस की दबिश पर विरोध भी दर्ज कराया था। हालांकि विदेश मंत्रालय ने भारत में तैनात सऊदी राजदूत सऊद मोहम्मद अलसाती को पिछले दिनों बुलाकर आरोपी राजनयिक से जांच में सहयोग कराने के लिए कहा था।
इसके बाद सऊदी अरब की ओर से कई दिनों तक जवाब नहीं मिला था, हालांकि विदेश मंत्रालय सऊदी दूतावास के साथ लगातार संपर्क में था।
अजीत डोभाल ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे गतिरोध के दौरान सऊदी राजनयिक अपने परिवार के साथ सऊदी दूतावास में रहने के लिए पहुंच गया था। इससे पहले नेपाल ने भी पूरे मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने की उम्मीद जताई थी।
भारत में नेपाल के राजदूत दीपक कुमार उपाध्याय ने कहा था कि भारतीय विदेश मंत्रालय इस मामले में पूरी तरह से सहयोग कर रहा है।
माना जा रहा है कि द्विपक्षी रिश्तों को क्षति पहुंचाए बिना पूरे मामले का समाधान निकालने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अहम भूमिका निभाई। डोभाल को इस काम में लगाए जाने की बीते दिनों सूत्रों के हवाले से खबरें आई थीं।