सत्य निकेतन हादसे के बाद बेघर हुए और इलाके में डर के चलते पीजी में नहीं रहना चाहने वाले छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था की है। साउथ कैंपस के कई कॉलेजों के क्लासरूम में गद्दे बिछाकर छात्रों के रहने का इंतजाम किया गया है। लड़के और लड़कियां दोनों इन कॉलेजों में ठहर सकते हैं।
डीयू साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी ने बताया कि साउथ कैंपस में करीब 25 कॉलेज हैं। सत्य निकेतन हादसे की जगह के आसपास छह-सात कॉलेज हैं। हादसे के बाद छात्रों में डर का माहौल है। ऐसे छात्रों की मदद के लिए श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, राम लाल आनंद कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज समेत कई अन्य कॉलेजों को चिन्हित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन कॉलेजों के क्लासरूम में छात्रों के ठहरने के लिए गद्दे बिछाए गए हैं। कॉलेजों को यह आकलन करने के लिए भी कहा गया है कि उनके कितने छात्र प्रभावित हुए हैं और उन्हें ठहरने की जरूरत है। इसके आधार पर छात्रों को कॉलेज में रहने के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह घटना बेहद दुखद है। बच्चे सुरक्षित निकल आएं, इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही है।’’
डीयू प्रशासन ने हादसे पर दुख और अफसोस जताया है। विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उसकी संवेदनाएं प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं। प्रशासन ने मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना करते हुए छात्रों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही।
श्री वेंकटेश्वर और आर्यभट्ट कॉलेज आज बंद रहेंगे
छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज व आर्यभट्ट कॉलेज ने सोमवार को कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। कॉलेज प्रशासन ने नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी। प्रशासन के मुताबिक, सत्य निकेतन में पीजी बंद होने और छात्रों में असुरक्षा की भावना को देखते हुए कॉलेज परिसर में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में ठहराया जा रहा है। कॉलेज के सामने ही इमारत गिरने की घटना को देखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है।
हर संभव मदद कर रहे
हम श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ किसी भी अन्य कॉलेज की छात्राओं के लिए हर संभव मदद, रहने की जगह, बिस्तर और खाने-पीने की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। हम सब मिलकर इस समय में जो भी मदद और सहयोग कर सकते हैं, वह करें। हर छोटी-सी कोशिश भी फर्क ला सकती है।
प्रो. वी. रवि, प्रिंसिपल, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज