दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई की। अदालत ने सुधांशु और शुभम त्यागी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह हिरासत आगे की जांच और दोनों के आमने-सामने पूछताछ के लिए दी गई है, जो मामले की गुत्थी सुलझाने में सहायक होगी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति उस इमारत के कथित पीजी ऑपरेटर थे। यह इमारत 6 सितंबर को सत्य निकेतन क्षेत्र में ढह गई थी। पुलिस हिरासत से जांचकर्ताओं को मामले की गहराई तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इस दौरान उनसे इमारत के संचालन और रखरखाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि उनकी पूछताछ से घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकता है। यह कदम मामले की तह तक जाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि मामले में फरार आरोपी और पीजी संचालक शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे।
ठेकेदार कासगंज से किया था गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने फरार चल रहे लेबर कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा था।
पुलिस पूछताछ में महेश ने किए थे अहम खुलासे
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी महेश ने कई अहम जानकारियां दी हैं। महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता (हरिराम और उर्मिला) की ओर से इस पूरी इमारत के रखरखाव का काम संभालता था। अगस्त 2025 में इस इमारत को 'हॉस्टल डेज' नामक पीजी संचालकों को लीज पर दिया गया था।
इस वजह से ढह गई थी इमारत
महेश ने खुलासा किया कि बारिश के मौसम में पिछले 8-10 दिनों से बेसमेंट में कचरा और पानी जमा हो रहा था, जिसके चलते वहां मरम्मत का काम चल रहा था। इसके साथ ही, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए ग्राउंड फ्लोर का भी विस्तार किया जा रहा था।
हादसे के बाद राजस्थान भाग गया था परिवार
आरोपी महेश ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें स्थानीय लोगों के जरिए इमारत ढहने की जानकारी मिली थी। पुलिस की कार्रवाई के डर से पूरा परिवार तुरंत अपना घर छोड़कर राजस्थान के भिवाड़ी स्थित महेश के ससुराल भाग गया था और वहीं छिपा हुआ था। फिलहाल पुलिस ठेकेदार सनोज से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में किस स्तर की लापरवाही बरती गई थी।
दिल्ली हादसे में क्या हुआ
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं।