खबर लिखे जाने तक एबीवीपी कार्यकर्ता एमसीडी मुख्यालय के अंदर धरने पर बैठे हुए थे। इस हादसे को लेकर एबीवीपी ने उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार पीजी संचालकों एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, दिल्ली के सभी छात्र बहुल क्षेत्रों में संचालित पीजी एवं किराये के भवनों का तत्काल सुरक्षा एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
एबीवीपी के अनुसार छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक प्रशासन इस मामले में ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं करता एबीवीपी छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी। दिल्ली विश्वविद्यालय सहित राजधानी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में देशभर से छात्र पढ़ने आते है। बड़ी संख्या में छात्र निजी पीजी एवं किराये के भवनों में रहते हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित छात्रों को न्याय मिले। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और निगम कमिश्नर को तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए।