हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना ने अपने खिलाफ लुक आउट कॉर्नर (एलओसी) नोटिस रद कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीआई ने मीट निर्यातक मोइन कुरैशी और एजेंसी के पूर्व निदेशक एपी सिंह के खिलाफ मामले में सना के खिलाफ एलओसी जारी कराया था, जबकि वह इस मामले में गवाह था।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 25 फरवरी तक पूछा है कि जब याची संबंधित केस में आरोपी नहीं है तो उसके खिलाफ एलओसी क्यों जारी किया गया। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि सना का नाम एफआईआर में नहीं है। गवाह के तौर पर उसे जितनी बार बुलाया गया, वह जांच में शामिल हुआ। इसके बाद भी उसके खिलाफ एलओसी जारी किया गया, जो पूरी तरह अनुचित व अवैध है।
याचिका में कहा गया है कि याची को एलओसी के बारे में 25 सितंबर 2018 को तब पता चला, जब वह अपने बेटे के दाखिले के सिलसिले में फ्रांस जा रहा था। सीबीआई ने ईडी के पत्र के आधार पर कुरैशी व अन्य आरोपियों के खिलाफ 17 फरवरी 2017 को केस दर्ज किया था। तब से सना 15 बार विदेश यात्रा कर चुका है, लेकिन उसे पिछले साल सितंबर में एयरपोर्ट पर रोक दिया गया।
याची का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के 2010 के ज्ञापन और हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक एलओसी केवल उसी शख्स के खिलाफ जारी किया जा सकता है, जिस पर संज्ञेय अपराध में शामिल होने का आरोप हो और उसके विदेश भागने की संभावना हो।