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दिल्ली: पांच कॉरिडोर के चक्रव्यूह में फंसा सराय काले खां, आसान नहीं इससे निकलना; दो रास्तों से और बढ़ेगा दबाव

Mon, 24 Aug 2026 03:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, दिल्ली

सार

करीब एक किमी लंबा काॅरिडोर वाहनों के चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसता दिख रहा है। तब चुनौती नई हाइवे बनाने की नहीं, पांच दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक के प्रबंधन की होगी।
 
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फाइल फोटो। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सुबह-शाम का पीक आवर्स हो या दोपहर में सड़क पर वाहनों का कम दबाव, सराय काले खां पहुंचते ही ट्रैफिक दम तोड़ता दिखता है। यह वही प्वाइंट है, जहां रिंग रोड से निजामुद्दीन पुल, डीएनडी फ्लाईवे और बारापुला एलिवेटेड रोड का ट्रैफिक मिलता है। वहीं, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और वाया बारापुला फेज-3 दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से आवाजाही शुरू होने से भी वाहनों का दबाव बढ़ेगा।

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सराय काले खां से महरानी बाग के बीच पहले से ही हांफता ट्रैफिक दोनों एक्सप्रेसवे चालू होने से दम तोड़ देगा। करीब एक किमी लंबा काॅरिडोर वाहनों के चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसता दिख रहा है। तब चुनौती नई हाइवे बनाने की नहीं, पांच दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक के प्रबंधन की होगी।

पांच कॉरिडोर के चक्रव्यूह में ऐसे फंसा है सराय काले खां
रिंग रोड:
सराय काले खां रिंग रोड के प्रमुख जंक्शन में शामिल है। इस मार्ग से आईटीओ-राजघाट के साथ गाजियाबाद की तरफ आने वाला ट्रैफिक आता है। दूसरी दिशा में दक्षिणी दिल्ली और आश्रम की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव रहता है। डीएनडी और बारापुला की कनेक्टिविटी के कारण रिंग रोड पर आने वाला ट्रैफिक कई दिशाओं में बंटता है। पीक आवर में यही क्रॉस-ट्रैफिक जंक्शन पर वाहनों की रफ्तार कम करने का बड़ा कारण बनता है।
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डीएनडी फ्लाईवे : डीएनडी फ्लाईवे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से आने वाला ट्रैफिक सराय काले खां के आसपास रिंग रोड के नेटवर्क में शामिल होता है। डीएनडी से आने वाले वाहनों और रिंग रोड के ट्रैफिक के मिलन से जंक्शन पर दबाव बढ़ता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लिंक जुड़ने के बाद डीएनडी कॉरिडोर की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

बारापुला एलिवेटेड रोड : बारापुला एलिवेटेड रोड सराय काले खां को दक्षिणी दिल्ली की तरफ बेहतर कनेक्टिविटी देता है। बदरपुर, आश्रम और एम्स की ओर जाने वाले यातायात के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। एलिवेटेड रोड पर ट्रैफिक बढ़ने का सीधा असर उसके प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पड़ता है। सराय काले खां के आसपास एलिवेटेड रोड और रिंग रोड का ट्रैफिक एक-दूसरे को प्रभावित करता है। जंक्शन पर किसी एक दिशा में ट्रैफिक की रफ्तार घटते ही पीछे आने वाले वाहनों पर भी असर पड़ता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का डीएनडी से जुड़ने वाला हिस्सा सराय काले खां के ट्रैफिक नेटवर्क को नया कनेक्शन दिया है। इससे दिल्ली, नोएडा और एक्सप्रेसवे की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर मार्ग मिलेगा। कनेक्टिविटी बढ़ने से मौजूदा रास्तों पर यात्रा आसान होने की उम्मीद है। नया ट्रैफिक आखिरकार डीएनडी और सराय काले खां के आसपास के नेटवर्क में ही शामिल होगा।

मयूर विहार-सराय काले खां फ्लाईओवर : बारापुला फेज-तीन के तहत मयूर विहार की तरफ से सराय काले खां तक कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। इससे पूर्वी दिल्ली की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को नया और तेज मार्ग मिलेगा। मौजूदा सड़कों पर कुछ दबाव कम करने में यह मददगार हो सकता है। लेकिन सराय काले खां के जंक्शन पर पहुंचने वाला ट्रैफिक बढ़ने की संभावना पूरी तरह से है। नई कनेक्टिविटी का लाभ तभी मिलेगा, जब अंतिम जंक्शन पर वाहनों के विलय और निकासी की व्यवस्था पर्याप्त हो।

बाटलनेक भी बड़ी समस्या
सराय काले खां में जाम की वजह सिर्फ वाहनों की संख्या नहीं, आवाजाही बाधित करने के दूसरे बॉटलनेक हैं। इसमें आईएसबीटी की बसें, सीएनजी भरवाने वाले वाहनों की कतार, आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और रैपिड रेल टर्मिनल की वजह से सवारियों के लिए खड़ी कार, ऑटो और टैक्सी शामिल हैं। इससे आवाजाही बाधित होती है। पांचों कॉरिडोर से आने वाले यातायात के बीच यह सबसे संवेदनशील बिंदुओं में से एक है।

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