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Delhi NCR News: एक हजार से ज्यादा गाड़ियां चोरी करने वाला कुख्यात वाहन चोर साकिब गिरफ्तार

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- एएटीएस ने आरोपी को दबोचा, एक करोड़ कीमत की तीन गाड़ियां बरामद
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- आरोपी टैब में मौजूद सॉफ्टवेयर की मदद से चंद ही मिनटों में कर लेते थे कारें चोरी
- यूपी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर रखा था 25 हजार रुपय का इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एक हजार से ज्यादा वाहन चोरी करने वाले मेरठ के कुख्यात वाहन चोर को पूर्वी जिला के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गंज बाजार, सोतीगंज, मेरठ, यूपी निवासी साकिब उर्फ गुड्डू (27) के रूप में हुई है। पता चला कि आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर पूरे देश भर में 1000 से ज्यादा कारें चोरी कर चुका है।
इसका गिरोह विशेष तरह के सॉफ्टवेयर की मदद से चंद ही मिनटों में नकली चाबी बनाकर किसी भी गाड़ी को चोरी कर लेते थे। पुलिस ने आरोपी के पास से एक करोड़ कीमत की तीन गाड़ियां (फॉरच्यूनर, इनोवा और किया सेल्टोस) और विशेष तरह के सॉफ्टवेयर से लोड एक टैब बरामद किया है।
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मेरठ के नौचंदी थाने एरिया में हत्या के प्रयास समेत अन्य मामलों में साकिब की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। पुलिस को इसके साथी अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू, उजैर और राशिद उर्फ काला की तलाश है।
ऐसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि पेट्रोलिंग के दौरान 24 सितंबर को प्रीत विहार इलाके से साकिब उर्फ गुड्डू को दबोचा लिया गया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के खिलाफ 26 मामले दर्ज हैं। वह कई बार जेल भी जा चुका है।
जेल से बाहर आने के बाद वह लगातार वाहन चोरी की वारदातों में शामिल हो जाता है। आरोपी की पुलिस रिमांड ली गई है। पुलिस ने उसकी सूचना पर पंजाब के तरनतारन में छापेमारी कर किया सेल्टोस कार बरामद की। आरोपी दिल्ली से गाड़ी चोरी करने के बाद पंजाब, राजस्थान, कोलकाता, गुजरात के अलावा पूर्वाेत्तर राज्यों में बेचते थे।
इंजन और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे गाड़ी
आरोपी ने बताया कि यह ऑन डिमांड भी गाड़ियां चोरी करते थे। इनके साथी अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू, उजैर और राशिद उर्फ काला पहले गाड़ी की पहचान कर लेते थे। उसके बाद गाड़ी का दरवाजा खोलकर ईसीएम को विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिकोड कर चाबी बना ली जाती थी।
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बाद में कार को चोरी कर लिया जाता था। नकली नंबर प्लेट लगातार कार को पहले मेरठ ले जाया जाता था। उसके बाद उसका इंजन व चेसिस नंबर बदलकर उसे दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता था। कई बार इन गाड़ियों को बैंक से जब्त गाड़ी कहकर बेच दिया जाता था।
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