एक महिला ने न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी थाने में गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद के खिलाफ ठगी की शिकायत की थी। इसके बाद थाने से एक सब इंस्पेक्टर ने संकल्प केघर जाकर उससे पूछताछ की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सब इंस्पेक्टर ने संकल्प को धमकाया था, जिससे वह संकल्प परेशान हो गया था।
परिजनों का आरोप है कि संकल्प को प्रताड़ित करने के लिए उसकी झूठी शिकायत की गई थी। संकल्प के खुदकुशी करने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम मथुरा गई है और पूरे हालात पर उसकी नजर है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक व्यवसायी महिला ने 7 अक्तूबर को संकल्प के खिलाफ शिकायत की थी।
शिकायत में उसने कहा था कि कॉन्ट्रेक्ट दिलाने के नाम पर संकल्प ने उससे एक करोड़ रुपये लिए थे और अब वापस नहीं कर रहा है। हालांकि कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। वहीं संकल्प ने 10 पेज के सुइसाइड नोट में लिखा है कि उसने महिला से 50 लाख रुपये लिए थे, जो उसने लौटा दिए थे।
सुइसाइड नोट के चौथे पेज पर उसने लिखा है कि पुलिस से उसकी शिकायत करने वाली महिला डीआईजी की परिचित है। परिजनों और कुछ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संकल्प आनंद के खिलाफ ठगी की झूठी शिकायत की गई थी। पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं कि कहीं संकल्प को प्रताड़ित करने केलिए तो उसकी शिकायत नहीं की गई थी। इस मामले में आला पुलिस अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
मां को कुछ बताना चाहता था संकल्प
बताया गया है कि खुदकुशी करने से एक दिन पहले संकल्प सुखदेव विहार स्थित घर में मां राजदुलारी से मिलने गया था। इस दौरान उसकी पत्नी नंदिनी कार में ही बैठी रही थी।
राजदुलारी ने बताया कि संकल्प मिलने आया था और कह रहा था कि मां मुझे कुछ बताना है। इस बीच पत्नी का फोन आ गया और संकल्प अगले दिन आने की बात कहकर चला गया था। मां को इसका मलाल है कि उसका बेटा उसे कुछ नहीं बता पाया।
बेटे के लिए रखा था अहोई का व्रत
राजदुलारी ने अपने बेटे संकल्प की लंबी उम्र के लिए अहोई का व्रत रखा था। इसके लिए वह व्रत से एक दिन पहले खुद बाजार गई थीं और सामान खरीदकर लाई थीं। संकल्प के चचेरे भाई यथार्थ ने बताया कि वह बहुत ज्यादा सदमे में हैं और बार-बार यही कह रही हैं कि उन्होंने बेटे के लिए व्रत रखा था।
मामले में गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने मशहूर गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहू की आत्महत्या और सुइसाइड नोट की रिपोर्ट मंगवाई है। मथुरा पुलिस के साथ गृह मंत्रालय ने रोहिणी स्थित लोकनायक जयप्रकाश नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फोरेंसिक साइंस को भी पूरे मामले का ब्योरा देने को कहा है।
संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद इसी संस्था में लेक्चरर थे। यह संस्था गृह मंत्रालय के तहत काम करती है। मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को भी तहकीकात का निर्देश दिया है। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद गृह मंत्रालय इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच का आदेश दे सकता है।
गृह मंत्रालय का मानना है कि यह संस्था इतनी बड़ी नहीं कि 250 करोड़ रुपये का घपला हुआ हो। फिलहाल सुइसाइड नोट में लिखी गई बातों को भी पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता है। नोट में गुड़गांव की कंपनी और इंस्टीच्यूट के अधिकारियों के नाम हैं। पुलिस संकल्प की गाड़ी में मिले मोबाइल फोन और पासबुक की जांच कर रही है।
मोदी-राजनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग
मशहूर गीतकार संतोष आनंद ने बेटे संकल्प आनंद और पुत्र वधू नरेश नंदिनी की मौत मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ से की है। रोते-बिलखते हुए उन्हाेंने कहा, ‘मैंने देशभक्ति के गीत लिखे हैं। अगर मैं देशभक्त हूं तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री मेरे बेटे और बहू की मौत की निष्पक्ष जांच करवाएं और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।’ परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
दोनों शवों को बुधवार रात दिल्ली लाया गया था। बृहस्पतिवार करीब 12 बजे लोधी कॉलोनी श्मशान घाट में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। संकल्प के चचेरे भाई यथार्थ शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर मीडिया से बात करते हुए संतोष आनंद ने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें कभी कुछ नहीं बताया और न ही किसी परेशानी का जिक्र किया। वह सुबह, दोपहर और शाम को फोन पर बात करता था और रात को उनके पास आता था।
सुखदेव नगर स्थित घर पर संतोष आनंद ने रोते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि मेरा एक ही बेटा था। वह चला गया है। इसके अलावा उन्हें कुछ पता नहीं है। इसके बाद वह घर के अंदर चले गए। यथार्थ शर्मा ने कहा कि मामले की सीबीआई से जांच कराने पर सच्चाई सामने आएगी। संकल्प परिवार के साथ मयूर विहार में रहता था।
उसकी और संकल्प की मुलाकात होती रहती थी। हालांकि यथार्थ ने संकल्प की परेशानी के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया। सुइसाइड नोट में 250 करोड़ रुपये की बात सामने आ रही है, लेकिन संकल्प के परिवार के किसी भी सदस्य को 250 करोड़ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। श्मशान घाट पर आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास और हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।